प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) गुरुवार 8 सितंबर को शाम 7 बजे ‘कर्तव्य पथ (Kartavya Path)’ का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह इंडिया गेट पर स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार 7 अगस्त को जारी एक बयान में यह जानकारी दी।
बता दें कि नई दिल्ली दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से मिले एक प्रस्ताव को पारित कर ‘राजपथ’ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ कर दिया। अब इंडिया गेट पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पूरे इलाके को ‘कर्तव्य पथ’ कहा जाएगा।
PMO ने बयान में कहा कि पिछला ‘राजपथ’ नाम सत्ता का प्रतीक था और इसका नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ करना सार्वजनिक स्वामित्व और सशक्तीकरण का एक उदाहरण भी है। PMO ने कहा कि पीएम मोदी ने अमृत काल के तहत भारत के लिए जो 'पांच प्रण' किए थे, उनमें से एक में औपनिवेशिक मानसिकता की हर निशानी को समाप्त करने की बात कही गई थी। बयान में कहा गया कि ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण इसी 'प्रण' की तर्ज पर किया जा रहा है।
कर्तव्य पथ पर लोगों को मिलेगी ये सुविधाएं
कर्तव्य पथ बेहतर सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं को प्रदर्शित करेगा, जिसमें पैदल रास्ते के साथ लॉन, हरे भरे स्थान, नवीनीकृत नहरें, मार्गों के पास लगे बेहतर बोर्ड, नई सुख-सुविधाओं वाले ब्लॉक और बिक्री स्टॉल होंगे।
इसके अलावा इसमें पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास, बेहतर पार्किंग स्थल, नए प्रदर्शनी पैनल और रात्रि के समय जलने वाली आधुनिक लाइटों से लोगों को बेहतर अनुभव होगा। इसमें ठोस कचरा प्रबंधन, भारी बारिश के कारण एकत्र जल का प्रबंधन, उपयोग किए गए पानी का रिसाइकलिंग, वर्षा जल का संचयन और ऊर्जा कुशल प्रकाश व्यवस्था जैसी अनेक दीर्घकालिक सुविधाएं शामिल हैं।
क्यों पड़ी राजपथ इलाके में पुनर्विकास की जरूरत?
PMO ने अपने बयान में कहा, "सालों से राजपथ और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के आसपास के इलाकों में आगंतुकों की बढ़ती भीड़ का दबाव देखा जा रहा था, जिससे इसके बुनियादी ढांचे पर दबाव पड़ रहा था। इसमें सार्वजनिक शौचालय, पीने के पानी, स्ट्रीट फर्नीचर और पार्किंग स्थल की पर्याप्त व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। इसके अलावा, रास्तों के पास अपर्याप्त बोर्ड, पानी की खराब सुविधाएं और बेतरतीब पार्किंग थी। साथ ही, गणतंत्र दिवस परेड और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान कम गड़बड़ी और जनता की आवाजाही पर कम से कम प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता महसूस की गई। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्विकास किया गया जबकि वास्तु शिल्प का चरित्र बनाये रखने और अखंडता भी सुनिश्चित की।"
28 फुट ऊंची प्रतिमा ऊंची होगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा
PM मोदी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। यह प्रतिमा उसी स्थान पर स्थापित की जा रही है, जहां इस साल की शुरुआत में पराक्रम दिवस (23 जनवरी) के अवसर पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया था। ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान के लिए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और देश के उनके प्रति ऋणी होने का प्रतीक होगी। मुख्य मूर्तिकार श्री अरुण योगीराज द्वारा तैयार की गई 28 फुट ऊंची प्रतिमा को एक ग्रेनाइट पत्थर से उकेरा गया है और इसका वजन 65 मीट्रिक टन है।