पूरे देश को जहां मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सॉफ्ट लैंडिंग का बेसब्री से इंतजार था, वहीं कुछ लोग अलग-अलग तरीके से इसको लेकर अपनी भावनाओं का इजहार कर रहे थे। कुछ लोग चंद्रयान-3 की सफलता के लिए दुआएं मांग रहे थे, जबकि कुछ तो बाकायदा पूजा-पाठ में भी जुट गए थे।
इन तमाम गतिविधियों के बीच कवि और राजनयिक अभय कुमार ने इस मिशन को लेकर 'मून एंथेम' नामक कविता लिखी है। उन्होंने यह कविता मडगास्कर (Madagascar) की राजधानी एंटानानारिवो (Antananarivo) में लिखी है।
'मून एंथम की शुरुआती पक्तियां कुछ इस तरह हैं, 'आकाशीय हीरा, प्राचीन घड़ी, ब्रह्मांडीय लैम्पपोस्ट, रात का कोमल चुंबन, लुभाने वाले महासागर, रहस्यमय सूर्य, चांदी की देवी, जो स्वर्ग को रोशन कर रही है...।'
दुनिया के जाने-माने वायलिन वादक डॉ. एल सुब्रह्मण्यम इसकी धुन बनाएंगे और गायिका कविता कृष्णमूर्ति इसे अपनी आवाज देंगी। दिलचस्प बात यह है कि अभय कुमार सौरमंडल के सभी ग्रहों के लिए कविताएं लिख चुके हैं और उनकी कविता 'अर्थ एंथेम' ('Earth Anthem') का अनुवाद 150 से भी ज्यादा भाषाओं में हुआ है। इसे विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हर साल दुनिया भर में गाया जाता है।
अभय कुमार के अभी तक एक संस्मरण और सात कविताओं का संग्रह प्रकाशित हो चुका है। इसमें द सेडक्शन ऑफ़ देल्ही (2014), द ईट-आइड लॉर्ड ऑफ काठमांडू (2017) और द प्रोफेसी ऑफ ब्रासीलिया (2018) शामिल हैं।