President Rule in Delhi: दिल्ली में लग सकता है राष्ट्रपति शासन! क्या सच हो सकती है AAP नेता आतिशी की आशंका?
President Rule in Delhi: दिल्ली के मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा "बीजेपी दिल्ली में कोई चुनाव नहीं जीत सकी, उन्हें पता है कि अगर आज चुनाव होगा, तो अरविंद केजरीवाल इसे जीतेंगे। इसलिए, बीजेपी की केंद्र सरकार एक साजिश के तहत दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने 2013 में भी यही गलती की थी
आतिशी ने इसके पीछ कई ऐसा घटनाओं का हवाला भी दिया, जिससे उन्हें आशंका है कि राजधानी में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है
President Rule in Delhi: दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी (Atishi) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति शासन (President Rule) लगाने के लिए एक बड़ी राजनीतिक साजिश रच रही है। आतिशी ने इसके पीछ कई ऐसा घटनाओं का हवाला भी दिया, जिससे उन्हें आशंका है कि राजधानी में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। हालांकि, BJP ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया।
आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी उनकी सरकार को गिराने के लिए एक राजनीतिक साजिश है। हमें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाएगा। लेकिन दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाना गैरकानूनी और जनादेश के खिलाफ होगा।"
आतिशी ने बताया ये कारण
आतिशी ने पत्रकारों का सामने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो इस आशंका की ओर इशारा करती हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के किसी वरिष्ठ अधिकारी को दिल्ली में तैनात नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, "विभागों में पद खाली पड़े हैं, लेकिन कोई तैनाती नहीं हुई है। नौकरशाहों ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए मंत्रियों की तरफ से बुलाई जाने वाली बैठकों में आना बंद कर दिया है। उपराज्यपाल दिल्ली सरकार के कामकाज को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र लिख रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि BJP को पहले से ही पता था कि वह राष्ट्रीय राजधानी में ‘‘सत्ता में नहीं आ सकती।’’
आतिशी ने कहा, "AAP ने 2015 और 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में BJP को हराया है। इसलिए वे दिल्ली सरकार को गिराना चाहते हैं। लेकिन राष्ट्रपति शासन लगाना गैरकानूनी होगा, क्योंकि दिल्ली सरकार के पास बहुमत है। हमने इस साल 17 फरवरी को सदन में बहुमत परीक्षण पास कर लिया था।"
क्या दिल्ली में लगाया जा सकता है राष्ट्रपति शासन?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब जेल में हैं और दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है। इसे देखते हुए ऐसे में उपराज्यपाल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ही AAP और उसके नेता यही कहते आए हैं कि मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देंगे और जेल से ही सरकार चलाएंगे।
अब अगर केजरीवाल CM बने रहने का फैसला करते हैं, तो LG "संवैधानिक मशीनरी के टूटने" का हवाला दे सकते हैं और धारा 239 AB के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं। उपराज्यपाल धारा 239 AA के तहत सरकार को बर्खास्त करने के लिए भी यही कारण बता सकते हैं।
क्या जेल से सरकार चला सकते हैं केजरीवाल?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, दोषी साबित होने तक किसी चुने हुए प्रतिनिधि को पद नहीं छोड़ना होता है। हालांकि, पद पर बने रहने को लेकर एक नैतिक सवाल जरूर खड़ा होता है।
कानून के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल तब तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, जब तक उन्हें दोषी करार नहीं दिया जाता।
व्यावहारिक रूप से AAP के मामले में जो बात मदद कर सकती है, वो ये है कि केजरीवाल के पास कोई विभाग नहीं है। हालांकि, राजनीतिक रूप से यह एक बुद्धिमानी भरा कदम नहीं हो सकता है।
क्योंकि केजरीवाल ने इस्तीफा नहीं दिया है, इसलिए वह गिरफ्तार होने वाले पहले मौजूदा मुख्यमंत्री बन गए हैं। हालांकि, केजरीवाल को मुख्यमंत्री बने रहने के लिए अदालत या जेल से कुछ राहत की जरूरत होगी।
BJP का पलटवार
आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह हैरानी है कि ‘‘राष्ट्रपति शासन का डर’’ आम आदमी पार्टी को सता रहा है, जिसके पास विधानसभा में 62 विधायक हैं।
सचदेवा ने केजरीवाल से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की भी मांग की। बहरहाल, सचदेवा ने इसे लेकर आतिशी की आलोचना की और आरोप लगाया कि केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार से असहज महसूस कर रहे हैं।
बेहतर होगा इस्तीफा दें केजरीवाल: BJP
उन्होंने कहा, "आतिशी ने अपने उत्पीड़न और ऑपरेशन लोटस की आम तौर पर सुनाई जाने वाली झूठी कहानी की जगह आज सुबह एक नई कहानी सुनाई। आज, उन्होंने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।"
सचदेवा ने कहा, "बेहतर होगा अगर अरविंद केजरीवाल इस्तीफा दे दें... एक नए मुख्यमंत्री को सरकार सौंपे और दिल्ली के प्रशासन को उचित तरीके से चलाने दें।"