लोकसभा में मंगलवार को तीखी नोकझोंक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने BJP सांसद अनुराग ठाकुर पर केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान उनका अपमान करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। विवाद तब खड़ा हुआ, जब ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा, "जिसकी जाति का पता नहीं, वो जनगणना की बात कर रहा है।" गांधी ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो कोई भी आदिवासी, दलित और पिछड़ों के मुद्दे उठाता है, उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। मैं इन गालियों को खुशी से स्वीकार करूंगा... अनुराग ठाकुर ने मुझे गाली दी है और मेरा अपमान किया है, लेकिन मैं उनसे कोई माफी नहीं चाहता।
उन्होंने आगे कहा, "आप जितना चाहें मेरा अपमान कर सकते हैं, लेकिन हम संसद में जाति जनगणना पारित करेंगे।" इस टिप्पणी से सदन में हंगामा मच गया और गांधी ने ठाकुर के भाषण को बीच में ही रोक दिया।
अनुराग ठाकुर ने बयान पर दी सफाई
लोकसभा अध्यक्ष के पद पर बैठे जगदंबिका पाल ने शांति कराने की कोशिश की, इसके बावजूद सांसद अपना असंतोश जताते ही रहे।
ठाकुर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, "मैंने कहा था कि जो व्यक्ति जाति के बारे में नहीं जानता, वो जनगणना की बात करता है। मैंने किसी का नाम नहीं लिया।”
बहस में कूद पड़े अखिलेश यादव
इस बहस पर दूसरे राजनीतिक नेताओं की ओर से और प्रतिक्रियाएं आईं। समाजवादी पार्टी के नेता और INDIA ब्लॉक के सदस्य अखिलेश यादव ने किसी की जाति पर सवाल उठाने के लिए ठाकुर को फटकार लगाते हुए कहा, “आप किसी की जाति कैसे पूछ सकते हैं? आप किसी की जाति नहीं पूछ सकते।”
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी X पर ठाकुर की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने लिखा, "सामाजिक-आर्थिक-जातीय जनगणना इस देश के 80% लोगों की मांग है। आज संसद में कहा गया कि जो लोग अपनी जाति नहीं जानते वे जनगणना की बात करते हैं।”
कांग्रेस महासचिव ने आगे लिखा, "क्या अब देश की संसद में देश की 80% जनता को गालियां दी जाएंगी? नरेंद्र मोदी जी को साफ करना चाहिए कि क्या यह उनके कहने पर हुआ है?"