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अरविंद केजरीवाल को फिर झटका, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए डॉक्टर से परामर्श की नहीं मिली इजाजत

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति केस में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डायबिटीज की रेगुलर जांच, कंसल्टेंशन और इंसुलिन की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने एम्स को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है

Akhileshअपडेटेड Apr 22, 2024 पर 5:56 PM
अरविंद केजरीवाल को फिर झटका, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए डॉक्टर से परामर्श की नहीं मिली इजाजत
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दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को शराब नीति केस (Delhi Liquor Policy Case) में तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जेल अधिकारियों को इंसुलिन देने का आदेश देने की मांग की थी। गंभीर डायबिटीज और ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण रोजाना 15 मिनट की वीडियो परामर्श की अनुमति देने की केजरीवाल की याचिका भी अस्वीकार कर दी गई।

राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल याचिका में CM केजरीवाल ने तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के अधिकारियों को उन्हें इंसुलिन देने का निर्देश देने और उनके शुगर लेवल, डायबिटीज को लेकर रोजाना 15 मिनट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर से मेडिकल कंसल्टेशन के लिए परमिशन की मांग की थी।

मेडिकल टीम गठित करने का आदेश

अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जांच करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड यह तय करेगा कि केजरीवाल के ब्लड शुगर लेवल की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत है या नहीं। साथ ही बोर्ड उनके स्वास्थ्य संबंधी अन्य पहलुओं पर भी गौर करेगा।

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