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अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के दिल्ली सर्विस अध्यादेश को बताया 'असंवैधानिक' बोले- 5 मिनट भी सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिकेगा

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के साथ सीधे टकराव में शामिल होने का आरोप लगाया। हाल ही में पेश किए गए केंद्र के अध्यादेश ने दिल्ली में चुनी हुई सरकार को नियंत्रण देने वाले शीर्ष अदालत के फैसले को कथित रूप से "पलट" दिया। उन्होंने कहा, जब 1 जुलाई को SC खुलेगा तो हम इसे चुनौती देंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड May 20, 2023 पर 6:10 PM
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के दिल्ली सर्विस अध्यादेश को बताया 'असंवैधानिक' बोले- 5 मिनट भी सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिकेगा
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के दिल्ली सर्विस अध्यादेश को बताया 'असंवैधानिक'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट (SC) की गर्मी की छुट्टियां पड़ने का इंतजार किया और उसने राष्ट्रीय राजधानी सिविल सर्विस अथॉरिटी (Civil Service Authority) बनाने के लिए एक "अवैध" अध्यादेश पेश किया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा, “वे गर्मी की छुट्टियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के बंद होने का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि वे इस अध्यादेश की अवैधता से अच्छी तरह वाकिफ थे। उन्हें विश्वास है कि ये 5 मिनट भी अदालत में टिक नहीं पाएगा।"

केजरीवाल ने केंद्र पर सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के साथ सीधे टकराव में शामिल होने का आरोप लगाया। हाल ही में पेश किए गए केंद्र के अध्यादेश ने दिल्ली में चुनी हुई सरकार को नियंत्रण देने वाले शीर्ष अदालत के फैसले को कथित रूप से "पलट" दिया। उन्होंने कहा, "जब 1 जुलाई को SC खुलेगा तो हम इसे चुनौती देंगे।"

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “सेवाओं पर केंद्र का अध्यादेश असंवैधानिक है और लोकतंत्र को कमजोर करता है। हम इसे चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। केंद्र ने शीर्ष अदालत गर्मियों की छुट्टी तक स्थगित किए जाने के कुछ ही घंटे बाद अध्यादेश जारी किया, जो सीधे तौर पर अदालत की अवमानना ​​है।"

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