Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश, गोवा और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के दूसरे चरण (Second Phase Voting) में 14 फरवरी को होने वाली वोटिंग के लिए प्रचार का काम शनिवार शाम छह बजे थम गया। इस चरण में गोवा की सभी, उत्तराखंड की सभी सीटों और उत्तर प्रदेश के 9 जिलों सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा, बदायूँ, बरेली तथा शाहजहांपुर की 55 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा। इन क्षेत्रों में प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ताबड़तोड़ सभाएं कीं। उत्तराखंड और गोवा में आम आदमी पार्टी भी दम-खम से चुनाव लड़ रही है। इस चरण में तीनों राज्यों की कुल 165 सीटों पर 1519 प्रत्याशी मैदान में हैं।
इनमें प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर सदर), जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख (बिलासपुर), नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता (बदायूं), माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी (चंदौसी), आयुष राज्यमंत्री रहे और अब सपा के प्रत्याशी धर्म सिंह सैनी (नकुड़), वरिष्ठ सपा नेता आजम खान (रामपुर सदर) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (स्वार) प्रमुख हैं। दूसरे चरण में जिन क्षेत्रों में वोटिंग होनी है, वहां मुसलमानों की आबादी काफी ज्यादा है और इन्हें समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है।
प्रधानमंत्री, गृह मंत्री ने किया प्रचार
पीएम मोदी ने सहारनपुर में तीन तलाक का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के चंगुल से आजाद कराया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं समेत कई जगहों पर जाकर जनसभाएं की और विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किए। दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की कमान संभाली।
वहीं उत्तराखंड में सभी 70 सीटों पर एक चरण में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अब प्रचार थम गया है। गोवा में भी एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होना है और यहां 14 फरवरी को ही वोट डाले जाएंगे। राज्य में सोमवार सुबह 7 बजे से वोटिंग होनी है। तटीय राज्य में इस बार कांग्रेस, BJP और आम आदमी पार्टी (AAP in Goa) के बीच मुकाबला माना जा रहा है। BJP को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस ने भी प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। राहुल गांधी ने भी गोवा में कई जनसभाएं कीं, वहीं BJP का पूरी फोकस भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने पर रहा।