Assembly Elections 2023: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पांच साल पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सत्ता गवां दी थी। जिसमें से मध्य प्रदेश को 15 महीने के बाद बीजेपी को फिर से सत्ता की चाबी मिल गई। 5 साल के बाद एक बार फिर से तीनों ही राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह को उनकी परंपरागत सीट राजनांदगांव से टिकट दिया है। इस सीट पर वो 2008 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान को बुधनी सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) पर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।
वसुंधरा राजे अभी तक वेटिंग लिस्ट में है। वहीं बीजेपी ने वसुंधरा के कई करीबी नेताओं को भी बेटिकट कर दिया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस की सीधी लड़ाई है।
वसुंधरा राजे को अब तक नहीं मिला टिकट
हालांकि, राजस्थान में भाजपा की चुनावी रणनीति काफी अलग दिख रही है। अभी तक BJP ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के लिए टिकट की घोषणा नहीं की है। हालांकि, पार्टी ने अब तक झालरापाटन से भी किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की। यह पूर्व सीएम राजे की पारंपरिक सीट है। BJP ने राजस्थान में 41 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि 41 उम्मीदवारों की पहली सूची सामने आई है, उसमें वसुंधरा राजे को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। तीनों राज्यों में BJP ने अपना सीएम उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। कुछ दिनों पहले एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि कमल ही आपका (जनता का) उम्मीदवार है और आप कमल के निशान पर बटन दबाएं।
कई सांसद चुनावी मैदान में उतरे
राजस्थान में बीजेपी ने 7 सासंदों को विधायकी के मैदान में उतार दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ में 64 लोगों की लिस्ट में सिर्प तीन सांसदों को विधायक का चुनाव लड़ने का टिकट दिया गया है। वहीं मध्य प्रदेश में सांसदों को मैदान में उतारा गया है। इससे इन तीन राज्यों में BJP के कुल सांसदों की संख्या अब 17 हो गई है। इन नामों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान में राज्यवर्धन राठौड़, किरोड़ी लाल मीना और दीया कुमारी जैसे बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। फिलहाल BJP ने इस बार विधानसभा चुनाव में जो रणनीति अपनाई है, उससे हर कोई हैरान है। पार्टी ने कई सीटों पर बड़े नेताओं पर दांव लगा दिया है।