Assembly Elections 2023: पांच चुनावी राज्यों में चला EC का चाबुक, ढिलाई बरतने पर वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले
Assembly Elections 2023: इनमें 25 पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक (SP), नौ जिलाधिकारी (DM) और चार सचिव व विशेष सचिव भी शामिल हैं। आयोग ने ट्रांसफर किए गए अधिकारियों से कहा है कि वे अपना प्रभार तत्काल संबंधित जूनियर अधिकारियों को सौंप दें। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को भी आदेश दिया है कि वे बृहस्पतिवार शाम तक अधिकारियों की एक लिस्ट भेजें, जिन्हें ट्रांसफर किए गए अफसरों की जगह पर नियुक्त किया जा सके
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 11, 2023 पर 8:57 PM
Assembly Elections 2023: पांच चुनावी राज्यों में चला EC का चाबुक
Assembly Elections 2023: चुनाव आयोग (EC) ने काम में ढिलाई को लेकर पांच चुनावी राज्यों (Election States) में कई शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का बुधवार को तबादला करने का आदेश दिया। इनमें 25 पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक (SP), नौ जिलाधिकारी (DM) और चार सचिव व विशेष सचिव भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया, एक समीक्षा के दौरान आयोग ने पाया कि कुछ अधिकारियों का प्रदर्शन 'असंतोषजनक' था। वोटिंग के लिए लालच देने को शराब की अवैध सप्लाई जैसे अलग-अलग मामलों को लेकर उनका रुख गंभीर नहीं था।
आयोग ने ट्रांसफर किए गए अधिकारियों से कहा है कि वे अपना प्रभार तत्काल संबंधित जूनियर अधिकारियों को सौंप दें। आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को भी आदेश दिया है कि वे बृहस्पतिवार शाम तक अधिकारियों की एक लिस्ट भेजें, जिन्हें ट्रांसफर किए गए अफसरों की जगह पर नियुक्त किया जा सके।
राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश (MP), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), तेलंगाना (Telangana) और मिजोरम (Mizoram) में सात से 30 नवंबर के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं और मतगणना तीन दिसंबर को होगी।
इन पांच राज्यों में अपनी समीक्षा बैठकों के दौरान, चुनाव आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों और जिला प्रशासनों को चुनावी प्रक्रिया के दौरान वोट लेने के लिए पैसा, शराब और दूसरे मुफ्त सामान बांटने को लेकर निगरानी बढ़ाने और जीरो टॉलरेंस का निर्देश दिया था।
इन राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, "बिना कुछ कहे, आयोग ने निर्देश दिया है कि शराब, कैश, ड्रग्स और मुफ्त चीजों की आवाजाही और वितरण को रोका जाना चाहिए। स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त चुनाव के लिए ये चार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।"
राजस्थान में अवैध शराब की तस्करी का खतरा
चुनाव आयोग की तरफ से मिले इनपुट का हवाला देते हुए, सूत्रों ने कहा कि हरियाणा और पंजाब से अवैध शराब हनुमानगढ़, चुरू, झुंझुनू और अलवर जिलों के जरिए राजस्थान में एंटर करती है और साथ ही पड़ोसी राज्य गुजरात में भी सप्लाई की जाती है।
इन संवेदनशील जिलों में अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन करने के बाद, आयोग ने राजस्थान में हनुमानगढ़, चूरू और भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षकों (SP) और अलवर जिला चुनाव अधिकारी (DEO) के ट्रांसफर का आदेश दिया है।
इसी तरह, तेलंगाना में समीक्षा बैठक के दौरान, आयोग ने कहा कि कई नॉन-कैडर अधिकारियों को जिला प्रभारी के रूप में तैनात किया गया था। जबकि प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के अधिकारियों को गैर-जरूरी पोस्टिंग दी गई थी।
आयोग ने अब राज्य के 13 SP और पुलिस कमिश्नर के तबादलों का आदेश दिया है। तेलंगाना में ट्रांसफर किए गए 13 पुलिस अधिकारियों में से नौ नॉन-कैडर पुलिस अधिकारी हैं।
हैदराबाद, वारंगल और निजामाबाद के पुलिस कमिश्नर का तबादला कर दिया गया है। प्रदर्शन और प्रासंगिक इनपुट का आकलन करने के बाद, तेलंगाना में चार DEO - रंगारेड्डी, मेडचल मल्काजगिरी, यदाद्री भुवनगिरी, निर्मल जिले, को भी ट्रांसफर कर दिया गया है।
सूत्रों ने कहा कि तेलंगाना में मुनुगोडे विधानसभा सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव के दौरान धनबल के खुलेआम दुरुपयोग की बड़े पैमाने पर शिकायतें मिली थीं।
आयोग ने तेलंगाना में परिवहन सचिव, निषेध और उत्पाद शुल्क निदेशक और वाणिज्यिक कर आयुक्त को हटाने का भी आदेश दिया।
तेलंगाना सरकार को चुनाव के दौरान जरूरी कठोर काम को देखते हुए उत्पाद शुल्क और वाणिज्यिक कर विभाग के लिए एक अलग प्रमुख सचिव नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पहले, तेलंगाना के मुख्य सचिव विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
BSF और असम राइफल्स समेत संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को मिजोरम और राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। "गोल्डन ट्रायंगल" की निकटता मिज़ोरम को नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी के प्रति संवेदनशील बनाती है।
राजस्थान के चार सीमावर्ती जिले तस्करी की चपेट
सूत्रों ने कहा कि राजस्थान के चार सीमावर्ती जिले - जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर - नशीले पदार्थों की तस्करी की चपेट में हैं।
गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक में पिछले छह विधानसभा चुनावों में "प्रलोभन-मुक्त" चुनावों पर चुनाव आयोग के जोर के कारण 1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की जब्ती हुई, इन राज्यों में जो पिछले चुनावों से 1,000 प्रतिशत से ज्यादा की जबरदस्त बढ़ोतरी है।
आयोग ने इन चुनावों में प्रवर्तन एजेंसियों की तरफ से जब्ती पर रियल टाइम अपडेट के लिए एक तकनीक-बेस्ड प्लेटफॉर्म भी पेश किया है।
डेटा की ऑनलाइन उपलब्धता से रुझानों का आकलन करने, नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ्त वस्तुओं की अवैध आवाजाही के लिए अपनाए जा रहे किसी भी विशिष्ट रूट और तरीकों को लाल झंडी दिखाने में सुविधा होगी।