MP Election 2023: इस बार मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव (MP Assembly Election) बेहद ही दिलचस्प हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय पार्टी जनता पार्टी (BJP) अपने कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को विधायक का चुनाव लड़ा रही है। इस लिस्ट में एक नाम केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का भी है, जिन्हें पार्टी ने दिमनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है। दिमनी सीट चंबल क्षेत्र के मुरैना जिले में आती है। कृषि मंत्री तोमर मुरैना से ही मौजूदा सांसद हैं, जिसके अंतर्गत दिमनी सीट आती है।
विधानसभा चुनाव के लिहाज से दिमनी बीजेपी के लिए एक कमजोर सीट माना जाती है। इसके चलते नरेंद्र सिंह तोमर को यहां कुछ मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने 2018 के साथ-साथ 2020 के उपचुनाव में भी ये सीट जीती थी। 2018 के चुनावों में बीजेपी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 34 में से सिर्फ आठ सीटें जीत सकी थी और इस बार उसे कुछ बदलाव की उम्मीद है।
दिमनी निर्वाचन क्षेत्र में कुल 201,517 मतदाता हैं, जिनमें 112,279 पुरुष मतदाता और 89,234 महिला मतदाता शामिल हैं। 2018 के मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान, दिमनी में 70.14 प्रतिशत मतदान हुआ। 2013 में ये 65.55 प्रतिशत और 2008 में 59.03 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
कभी दिमनी सीट पर रहा बीजेपी का दबदबा
दिमनी विधानसभा सीट का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। 1980 से साल 2008 तक इस सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा, लेकिन पिछले दो चुनावों से इस सीट पर कांग्रेस अपनी जीत का झंडा गाढ़ रही है।
इस सीट के समीकरण तब बदले जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपना पाला बदल कर बीजेपी का दामन थामा। साल 2018 में कांग्रेस ने यहां से सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया को टिकट दिया और उन्होंने जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के शिव मंगल सिंह को हराया था।
इसके बाद सिंधिया ने पार्टी बदली, तो 2020 में यहां उपचुनाव हुआ। मजे की बात ये है कि बीजेपी ने इस बार गिर्राज दंडोतिया को ही अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन इस बार वह अपनी सीट नहीं बचा पाए।
साल 2020 के उपचुनाव में, कांग्रेस के रवींद्र सिंह तोमर भिड़ोसा की जीत हुई। उन्होंने BJP के गिर्राज दंडोतिया पर 26,467 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। ऐसे में कांग्रेस दिमनी सीट पर इस बार हैट्रिक मारने चाहती है।
क्या बीजेपी की वापसी करा पाएंगे नरेंद्र सिंह तोमर?
नरेंद्र सिंह तोमर को पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में से एक माना जाता है। इस इलाके में उनका दबदबा नजर आता है। हालांकि, वे 20 साल बाद कोई विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
तोमर मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश चुनाव के लिए प्रचार प्रमुख भी नियुक्त किया है। अभी तक वह दो विधानसभा और तीन लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।
जातिगत समीकरण की बात करें, तो दिमनी सीट पर तोमर यानि ठाकुरों का अच्छा खासा असर है। यहां 65000 से ज्यादा तोमर वोट हैं। इसके बाद यहां अनुसूचित जाती के करीब 48000 वोट हैं। इसके अलावा कुशवाह, गुर्जर, यादव, बघेल और लोधी, जैसे दूसरे OBC वर्ग भी यहां अहम भूमिका निभाता हैं।
बता दें कि नरेंद्र सिंह तोमर भी ठाकुर हैं। वहीं मौजूदा कांग्रेस विधायक रवींद्र सिंह तोमर भिड़ोसा भी ठाकुर हैं। हालांकि, कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की अब तक घोषणा नहीं की है।