UP Election 2022: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गोरखपुर में उनका सीधा मुकाबला यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ से होगा।
बता दें कि सीएम योगी को भारतीय जनता पार्टी ने गोरखपुर सदर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले 18 जनवरी को नोएडा में हुई एक प्रेस वार्ता में आजाद ने कहा था कि यदि उनकी पार्टी कहेगी तो वे मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।
आजाद समाज पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से गुरुवार को ट्वीट कर इसका ऐलान किया गया। पार्टी ने ट्वीट कर कहा, "आजाद समाज पार्टी काशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र शेखर आजाद जी गोरखपुर सदर ( 322) से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव।" इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद ने ट्वीट किया, "बहुत-बहुत आभार साधुवाद। पिछले 5 साल भी लड़ा हूं। अब भी लड़ूंगा। जय भीम, जय मण्डल। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय।"
गोरखपुर आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है और यह बीजेपी के सबसे पुराने गढ़ों में से एक है। बीजेपी ने 16 जनवरी को घोषणा की थी कि आदित्यनाथ गोरखपुर शहरी सीट से आगामी चुनाव लड़ेंगे। यूपी चुनाव के लिए सात चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा और यह 7 मार्च तक चलेगा। गोरखपुर शहरी सीट पर छठे चरण का मतदान 3 मार्च को होगा। जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।
आजाद समाज पार्टी ने मंगलवार को कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उसे 100 सीट भी देगी तब भी वह उसके साथ गठबंधन नहीं करेगी। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने ग्रेटर नोएडा में एक प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी और उन्होंने समाजवादी पार्टी से बात नहीं बनने के बाद यह फैसला लिया है।
चंद्रशेखर आजाद ने इस मौके पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी की। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी कहेगी तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने बिना नाम लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कई आरोप लगाए और कहा कि पहले 25 सीट देने का उनसे वादा किया गया था। उसके बाद उनकी पार्टी के साथ छल किया गया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उनको 100 सीट भी देगी तो भी उनके साथ नहीं जाएंगे।