समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) करीब 27 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। तमाम आपराधिक मामलों में 26 महीने, 24 दिन से यूपी के सीतापुर जेल में बंद आजम खान की शुक्रवार सुबह रिहाई हुई। जेल प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से सपा नेता को अंतरिम जमानत मंजूर होने के बाद उनकी रिहाई के आदेश जेल अधिकारियों को देर रात मिल गए थे। इसके आधार पर आज सुबह उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव, आजम खान के दोनों बेटे अब्दुल्ला और अदीब उन्हें लेने के लिए सीतापुर जेल पहुंचे थे। इस दौरान शिवपाल ने कहा कि हम लोग समाजवादी है। नेताजी से हमने सीखा है सुख दुख में रहना। आजम भाई हमारे साथी रहे हैं और हैं। हमारी बातचीत आज भी हुई है और आगे भी होती रहेगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आजम के स्वागत में ट्वीट किया है। अखिलेश ने ट्वीट किया, "सपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक मा. श्री आज़म ख़ान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं!"
सुप्रीम कोर्ट ने दी थी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में जेल में कैद आजम खान को 19 मई को अंतरिम जमानत दे दी थी। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उसे (न्यायालय को) मिले विशेषाधिकार का उपयोग करने के लिए यह एक उपयुक्त मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियमित जमानत के लिए याचिका पर फैसला आने तक खान अंतरिम जमानत पर रहेंगे।
अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले विशेषाधिकार का उपयोग करने के लिए यह एक उपयुक्त मामला है और याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत दी जाती है। आजम खान, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में जमीन हड़पने सहित कई अन्य मामलों में सीतापुर जेल में कैद थे।
इससे पहले, यूपी सरकार ने खान की जमानत याचिका का विरोध करते हुए उन्हें जमीन कब्जा करने वाला और आदतन अपराधी बताया था। यूपी सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि खान ने जमीन हड़पने के मामले में जांच अधिकारी को कथित रूप से धमकी दी थी।
खान और अन्य के खिलाफ कथित तौर पर शत्रु संपत्ति हड़पने और करोड़ों रुपये से अधिक के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मामले में FIR दर्ज की गई थी। FIR में आरोप लगाया गया था कि देश के विभाजन के दौरान इमामुद्दीन कुरैशी नामक एक व्यक्ति पाकिस्तान चला गया था।
बाद में उसकी जमीन को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन खान ने अन्य लोगों की मिलीभगत से भूखंड पर कब्जा कर लिया। IPC और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम कानून के तहत रामपुर के अजीम नगर थाने में खान और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।