चीन (China) ने शुक्रवार को इंटरेस्ट घटाने का ऐलान किया है। उसने इकोनॉमी को सहारा देने के लिए ऐसा किया है। हाल में आई कोरोना की लहर (New Wave of Corona) से चीन की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचा है। महमारी को फैलने से रोकने के लिए चीन के कई शहरों में लॉकडाउन कर दिया। इससे आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गईं।
लंबे समय तक लॉकडाउन का असर सप्लाई चेन पर पड़ा। इससे डिमांड घट गई। मैन्युफैक्चरिंग बंद हो गई। इसके चलते चीन की इकोनॉमी की ग्रोथ घटने का अनुमान जताया गया है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है।
चीन के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि फाइव-ईयर लोन प्राइम रेट को 4.6 फीसदी से घटाकर 4.45 फीसदी कर दिया गया है। ज्यादातर बैंक ग्राहकों को लोन देने के लिए प्राइम रेट को आधार मानते हैं। चीन के रेट घटाने के ऐलान से स्टॉक मार्केट में तेजी दिखी है।
हालांकि, चीन ने वन-ईयर प्राइम रेट में बदलाव नहीं किया है। यह 3.7 फीसदी है। बैंक कॉर्पोरेट लोन के लिए इसे आधार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। फाइव-ईयर प्राइम रेट में बदलाव की वजह चीन के रियल एस्टेट सेक्टर में हाल में हुए कई डिफॉल्ट हो सकते हैं। चीन में रियल एस्टेट कंपनियों पर कर्ज का बोझ बहुत बढ़ गया है। उधर, घरों की डिमांड घट गई है।
कुछ महीने पहले चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक सुनाक ने डिफॉल्ट किया था। पिछले हफ्ते उसने कहा था कि चीन के बड़े शहरों में मार्च में घरों की बिक्री में बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह कोरोनावायरस की नई लहर है।
चीन ने कोरोना की नई लहर के बाद काफी सख्ती बरती है। अब भी विदेश से लोगों के आने पर कई तरह का प्रतिबंध लागू है। उधर, खेल से जुड़े कई बड़े आयोजनों को टाल दिया गया है। चीन ने इस साल इकोनॉमी की ग्रोथ 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। लेकिन, पहली तिमाही में ग्रोथ 4.8 फीसदी रही।
जापान, हांगकांग और चीन के स्टॉक एक्सचेंज शुक्रवार को मजबूती के साथ खुले। अमेरिकी बाजारों के गुरुवार को लाल निशान में बंद होने के बावजूद एशियाई बाजारों में तेजी दिखी। इंडिया में भी स्टॉक मार्केट में अच्छी तेजी देखने को मिली।