'मैं लोगों को मारना नहीं चाहता...', खाड़ी में जारी भीषण तनाव के बीच ट्रंप ने आखिर क्यों कहा ऐसा?

Donald Trump Iran Deal: ट्रंप ने कहा, 'ईरानी अधिकारियों ने मुझसे संपर्क कर हमला न करने और बातचीत करने का अनुरोध किया था। हालांकि वे सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि बातचीत चल रही है।' उनके अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और सख्त रुख के कारण ही ईरान अब बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 9:01 AM
ट्रंप ने कहा, 'मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों को मारना नहीं चाहता'

Trump I do not want to kill people: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर कड़ा सैन्य दबाव बना रहा है, लेकिन वे युद्ध या तबाही की जगह कूटनीतिक समझौते को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों को मारना नहीं चाहता।' इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े हमले की थी तैयारी

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार था। हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से बातचीत की पहल के बाद इस हमले की योजना को रोक दिया गया।


ट्रंप ने कहा, 'ईरानी अधिकारियों ने मुझसे संपर्क कर हमला न करने और बातचीत करने का अनुरोध किया था। हालांकि वे सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करते हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि बातचीत चल रही है।' उनके अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और सख्त रुख के कारण ही ईरान अब बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है।

48 घंटे में साफ होगी तस्वीर

व्हाइट हाउस की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटाने को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच काफी प्रगति हुई है और अगले 48 घंटों के भीतर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। उनका मानना है कि अमेरिका के साथ समझौता करना ही ईरान के हित में होगा।

वेनेजुएला से तुलना और तेल समझौते का जिक्र

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने वेनेजुएला का भी जिक्र किया। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को '48 मिनट की लड़ाई' करार देते हुए कहा कि अमेरिका को वहां के संसाधनों से लाभ हुआ है।

ट्रंप ने कहा, 'अब हम वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल प्राप्त कर रहे हैं और उनके साथ हमारे संबंध अच्छे हैं।' उन्होंने अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने वेनेजुएला के आपराधिक गिरोह 'ट्रेन दे अरागुआ' के खिलाफ सराहनीय कदम उठाए हैं।

क्या है मिडिल ईस्ट में मौजूदा विवाद का मुख्य कारण?

फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष के बाद से ही मिडिल ईस्ट में समुद्री व्यापार और कच्चे तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और एलपीजी 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को रोकना तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित करना है।

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