पश्चिम बंगाल से अपनी पहली राज्यसभा सीट निकालने की तैयारी में BJP, इन पांच नामों पर हो रही चर्चा
TMC के पांच जीतने की उम्मीद है, यह 77 विधायकों (जो अब दलबदल के कारण घटकर 70 हो गई है) के आधार पर राज्य से बीजेपी की पहली राज्यसभा जीत होगी। BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई से संभावितों के लिए अपने सुझाव भेजने को कहा है। पता चला है कि पांच नामों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है, जिन्हें हिंसा से प्रभावित बंगाल में पंचायत चुनावों के लिए प्रचार खत्म होने के बाद 6A, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर भेजा जाएगा
पश्चिम बंगाल से अपनी पहली राज्यसभा सीट निकालने की तैयारी में BJP
भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल (West Bengal) से अपनी पहली राज्यसभा (Rajya Sabha) सीट पाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 24 जुलाई को अपर हाउस की छह सीटों के लिए चुनाव होगा। जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पांच जीतने की उम्मीद है, यह 77 विधायकों (जो अब दलबदल के कारण घटकर 70 हो गई है) के आधार पर राज्य से बीजेपी की पहली राज्यसभा जीत होगी।
News18 के मुताबिक, BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई से संभावितों के लिए अपने सुझाव भेजने को कहा है। पता चला है कि पांच नामों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है, जिन्हें हिंसा से प्रभावित बंगाल में पंचायत चुनावों के लिए प्रचार खत्म होने के बाद 6A, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर भेजा जाएगा।
मिथुन चक्रवर्ती - फिल्म स्टार
सूत्रों का कहना है कि 73 साल के फिल्म स्टार ने पार्टी की ओर से खुद राज्यसभा में जाने की इच्छा जताई है। मिथुन 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए और पार्टी के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया।
हालांकि, पहले वह तृणमूल कांग्रेस की तरफ से संसद में थे। डिस्को किंग ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनके शामिल होने से ठीक पहले, RSS सुप्रीमो मोहन भागवत फिल्म स्टार के मड आइलैंड वाले घर पर गए और एक घंटे से ज्यादा समय तक बात की। मोटे तौर पर यह माना जाता है कि मिथुन के BJP में शामिल होने में भागवत की यात्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अनंत महाराज - 'अलग उत्तर बंगाल' की आवाज
एक और नाम जिस पर राज्य इकाई ने विचार किया है, वो हैं अनंत महाराज, जो ग्रेटर कूच बिहार पीपुल्स एसोसिएशन के सर्वोच्च नेता हैं। अनंत अक्सर उत्तर बंगाल की आवाज माने जाते हैं, जहां बीजेपी ने 2019 के लोकसभा के साथ-साथ 2021 के विधानसभा चुनावों में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया है। वह उत्तर बंगाल को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के मुद्दे का समर्थन कर रहे हैं। कई बीजेपी सांसदों ने भी समर्थन दिया।
हालांकि, BJP ने आधिकारिक तौर पर खुद को उनके मुद्दे से जोड़ने से इनकार कर दिया है, लेकिन उसने बनर्जी के प्रशासन के तहत क्षेत्र में 'उदासीनता' का आरोप लगाने के लिए उनकी मांग का इस्तेमाल किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर TMC के कई मंत्रियों ने उनसे मुलाकात की है, जो उस क्षेत्र में उनके दबदबे को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत कई विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
इससे पहले उन्होंने अपनी मांग पूरी करने के बदले BJP को समर्थन देने की शर्त रखी थी। 'अब ग्रेटर कूच बिहार पीपुल्स एसोसिएशन इस मुद्दे के आधार पर आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने पर विचार करेगा।'
अनिर्बन गांगुली - अमित शाह की बायोग्राफी लिखने वाले लेखक
अनिर्बान गांगुली बीजेपी के नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन (SPMRF) के मानद निदेशक हैं। वह BJP की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) के सदस्य और बंगाल बीजेपी की कोर कमेटी का भी हिस्सा हैं। लेकिन जो बात उन्हें अलग करती है, वह अमित शाह के साथ उनका अद्वितीय समीकरण है।
गांगुली ने शाह की आधिकारिक जीवनी 'अमित शाह एंड द मार्च ऑफ बीजेपी' लिखी। सूत्रों का कहना है, पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में, यह शाह ही थे, जिन्होंने जोर देकर कहा था कि गांगुली चुनावी मैदान में उतरें।
स्वपन दासगुप्ता - पत्रकार
दासगुप्ता पत्रकार से नेता बने हैं। भारत के कुछ प्रमुख दैनिक अखबारों में काम करने के बाद उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया और 2021 के बंगाल चुनाव के दौरान असफल रूप से चुनाव लड़ा।
दासगुप्ता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी साहित्य महोत्सव के पहले संस्करण का महोत्सव निदेशक के रूप में नेतृत्व किया। एक वाक्य में कहें तो कांग्रेस के लिए जो शशि थरूर हैं, वही BJP के लिए स्वपन दासगुप्ता हैं।
भारती घोष - विवादास्पद IPS अधिकारी
वह लिस्ट में आखिरी लेकिन निश्चित रूप से सबसे दिलचस्प हैं। भारती घोष एक भारतीय पुलिस सेवा कर्मी थीं, जिन्होंने ममता बनर्जी के अधीन बंगाल में सेवा की और उनके साथ असाधारण संबंध रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने एक बार बनर्जी को "मा, जंगलमहल एर मां" (मां, जंगल महल की मां) कहा था। हालांकि, घोष के रिश्ते जल्द ही बनर्जी के साथ खराब हो गए, इस हद तक कि उन पर छापे मारे गए।
वह बीजेपी में चली गईं और TMC पर निशाना साधने लगीं। आपराधिक जांच विभाग (CID) की तरफ से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए थे।
लेकिन घोष की छवि एक ऐसी महिला की भी है, जो एक दूसरी महिला नेता का मुकाबला कर रही है। बीजेपी इसी फैक्टर का फायदा उठाना पसंद करती है। यही कारण है कि उन्हें 2021 के बंगाल चुनाव में उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया।
एक बार जब बंगाल के पंचायत चुनाव के लिए हाई-वोल्टेज प्रचार अभियान खत्म हो जाएगा, तो लिस्ट की समीक्षा की जाएगी और बंगाल बीजेपी प्रमुख सुकांत मजूमदार की तरफ से पार्टी मुख्यालय को भेजी जाएगी।
एक नेता News18 को बताया, “ये पांच नाम हैं, जिन्हें हमने शॉर्टलिस्ट किया है। लेकिन किसे चुनना है या किसी बिल्कुल अलग व्यक्ति को चुनना है, यह नई दिल्ली का फैसला है।"