राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की गुटीय लड़ाई अब चुनाव आयोग के दरवाजे तक पहुंच गई है। इस बीच, शरद पवार (Sharad Pawar) दिल्ली में आज यानी गुरुवार को NCP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कर अपनी ताकत दिखाने वाले हैं। दोपहर तीन बजे होने वाले इस बैठक में देशभर के NCP नेताओं के जुटने की उम्मीद है। इस बैठक के जरिए पवार पार्टी के नेताओं को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। पार्टी और उसके चिह्न पर अपना दावा खोने से बचने के लिए शरद पवार का यह जरूरी कदम माना जा सकता है। इस बीच, दिल्ली में पार्टी कार्यालय के बाहर से NCP के पुराने पोस्टर और होर्डिंग हटा दिए गए हैं, जिन पर अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल नजर आ रहे थे। अब वहां एक नया पोस्टर लगाया गया है जिस पर बगावत करने वाले नेताओं को 'गद्दार' बताया गया है।
दिल्ली में NCP प्रमुख शरद पवार के आवास के बाहर 'सच और झूठ की लड़ाई में पूरा देश शरद पवार के साथ है' और 'भारत का इतिहास ऐसा है कि इसने विश्वासघात करने वालों को कभी माफ नहीं किया है' जैसे पोस्टर लगे हुए हैं। शरद पवार NCP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस बीच बैठक से पहले NDMC ने NCP प्रमुख शरद पवार के पोस्टर और होर्डिंग हटा दिए हैं। मौलाना आजाद रोड सर्कल और जनपथ सर्कल के पास लगे पोस्टर हटा दिए गए हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार अपने चाचा शरद पवार की तुलना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अधिक विधायकों का समर्थन होने से संख्या के इस खेल में उनसे आगे नजर आ रहे हैं। दोनों गुटों ने बुधवार को अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए अलग-अलग बैठकें कीं, जिससे पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने के लिए उनके बीच लड़ाई और तेज हो गई है। पार्टी के दोनों गुटों के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि अजित पवार गुट द्वारा बुलाई गई बैठक में NCP के 53 में से 32 विधायक शामिल हुए, जबकि पार्टी प्रमुख द्वारा आयोजित बैठक में 18 विधायक उपस्थित थे।
NCP के गठन के 24 साल बाद दो जुलाई को इसमें हुई टूट के बाद पहली बार पार्टी की अलग-अलग बैठकें हुईं। शरद पवार ने शिवसेना-BJP सरकार में शामिल होने को लेकर अपने भतीजे अजित पवार की आलोचना की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तंज कसे।
पार्टी के शरद पवार और अजित पवार गुटों ने क्रमश: दक्षिण मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर और उपनगर बांद्रा में भुजबल नॉलेज सिटी में अपनी-अपनी बैठकें कीं। पार्टी के 53 में से 32 विधायकों और कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद अजित पवार ने अपने 83 वर्षीय चाचा शरद पवार को याद दिलाया कि उनके सक्रिय राजनीति से 'रिटायर' होने का समय आ गया है।
वहीं, अपने गुट की बैठक को संबोधित करते हुए शरद पवार ने सत्ता के लिए भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाने को लेकर अपने भतीजे की आलोचना की क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NCP को 'भ्रष्ट' पार्टी बताते हैं।
भतीजे ने चाचा को किया बेदखल
इस बीच अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने चुनाव निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। चुनाव आयोग आगामी दिनों में याचिकाओं पर कार्रवाई कर सकता है और दोनों पक्षों से उसके समक्ष पेश संबंधित दस्तावेजों का आदान-प्रदान करने के लिए कह सकता है।
अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, चुनाव आयोग को एक हलफनामे के माध्यम से सूचित किया गया है कि उन्हें 30 जून, 2023 को NCP के सदस्यों, विधायी और संगठनात्मक, दोनों इकाइयों के 'भारी बहुमत' द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रस्ताव के माध्यम से पार्टी प्रमुख चुना गया।
बयान में कहा गया है कि प्रफुल्ल पटेल NCP के कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे। बयान में कहा गया है कि पार्टी ने अजित पवार को NCP विधायक दल का नेता नियुक्त करने का भी फैसला किया है। इस फैसले को NCP विधायकों के भारी बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित भी किया गया है। इसमें कहा गया है कि NCP की महाराष्ट्र इकाई के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जयंत पाटिल की पहले की नियुक्ति स्पष्ट रूप से अवैध थी।