दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court of Delhi) ने पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) और महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह (Vinod Tomar Singh) को शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने दोनों को 25-25 हजार रुपए के निजी जमानत मुचलके पर जमानत दी है। इससे पहले अदालत ने सिंह की नियमित जमानत याचिका पर फैसला गुरुवार शाम चार बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
अदालत ने सिंह को जमानत देते हुए कई शर्तें लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं या गवाहों को प्रेरित नहीं करेंगे। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि आरोपियों पर कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाए और राहत दिए जाने पर कुछ शर्तें लगाई जाएं। जब अदालत ने अभियोजक से पूछा कि क्या वह जमानत याचिका का विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "मैं न तो विरोध कर रहा हूं और न ही समर्थन कर रहा हूं।" उन्होंने अदालत से कहा, "आवेदन को कानून और उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार निपटाया जाना चाहिए।"
शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने अदालत को बताया, "जमानत नहीं दी जानी चाहिए। यदि इसकी अनुमति दी जाती है, तो कड़ी शर्तें लगाई जानी चाहिए। समय-समय पर गवाहों से संपर्क किया गया है। हालांकि कोई खतरा नहीं है।" आरोपी के वकील ने अदालत से कहा कि वह सभी शर्तों का पालन करेंगे। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया, "कोई धमकी वगैरह नहीं होगी। कानून बहुत स्पष्ट है। उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। मैं शर्तों का पालन करने का वचन दे रहा हूं।"