मंगलवार को नई दिल्ली में हुई NDA की बैठक में मुख्य आकर्षण का केंद्र चिराग पासवान (Chirag Paswan) और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) थे। बैठक में अन्य दलों के साथ-साथ चिराग पासवान और पशुपति पारस की पार्टी भी शामिल हुई थीं। लोक जनशक्ति पार्टी यानी LJP (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति पारस शामिल हुए। नाराजगी के बीच बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। इस दौरान पशुपति पारस को देखते ही चिराग पासवान ने चाचा के पैर छुए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने अपने भतीजे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया।
चिराग पासवान ने चाचा पारस को ऐसे समय पैर छुए, जब दोनों नेता हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अपने-अपने दावा कर रहे हैं। चिराग पासवान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने के एक दिन बाद अपने चाचा से मुलाकात की। उनके चाचा पशुपति पारस पहले से ही NDA का हिस्सा थे। यह बैठक चिराग पासवान के इस दावे के कुछ घंटों बाद हुई है कि उनकी पार्टी बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेगी, जो वर्तमान में चाचा-भतीजे के बीच विवाद का मुख्य बिंदु है।
पशुपति कुमार पारस 2019 में हाजीपुर के सांसद बने। राम विलास पासवान के निधन के तुरंत बाद LJP को विभाजित करने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। हालांकि, पारस ने कहा कि वह अपने भतीजे के लिए हाजीपुर लोकसभा सीट नहीं छोड़ेंगे। दूसरी ओर चिराग पासवान ने तर्क दिया है कि हाजीपुर से उनके पिता राम विलास पासवान जीते हैं और यह सीट उनकी विरासत मानी जाती है।
चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी अपनी 'चिंताओं' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ सकारात्मक चर्चा के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में NDA बिहार में सभी 40 सीटें जीतेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ अपनी बातचीत का ब्योरा शेयर करने से इनकार करते हुए पासवान ने कहा कि उन्होंने उनकी चिंताओं का सकारात्मक समाधान किया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हाजीपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ेगी। वर्तमान में उनके चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस इस सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं।