मॉडल और बिग बॉस 16 की पूर्व प्रतियोगी अर्चना गौतम को अनुशासनहीनता के आधार पर कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया दिया है। गौतम को इस साल जून में निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि कांग्रेस की तरफ से इस बारे जारी किया गया एक पत्र अब जाकर वायरल हो रहा है। अर्चना गौतम ने कांग्रेस के टिकट पर 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में मेरठ के हस्तिनापुर सीट से चुनाव भी लड़ा था। पर उनको केवल 1,519 वोट ही मिले थे और उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी। कांग्रेस के यूपी प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने इस बात को कंफर्म किया कि अर्चना गौतम अब पार्टी में नहीं हैं। उन्होंने News18 को बताया कि पार्टी ने यह फैसला मेरठ की कांग्रेस इकाई से मिली शिकायतों के आधार पर लिया है।
क्या कहा प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने
कांग्रेस के यूपी प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा कि उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, फिर भी पार्टी ने उन पर भरोसा किया, उन्हें सम्मान दिया और उन्हें हस्तिनापुर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा। मेरठ इकाई में पार्टी कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं जो उनके साथ खड़े थे और 2022 के विधानसभा चुनावों में उनका समर्थन करते थे। इसलिए, पार्टी की अनुशासन समिति ने अर्चना गौतम को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया है। कांग्रेस के पत्र में कहा गया है कि गौतम को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
निष्कासन से पहले दिया गया था कारण बताओ नेटिस
अवस्थी ने कहा कि गौतम को निष्कासित करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। नोटिस में कहा गया है कि उनके खिलाफ मेरठ इकाई के पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से लिखित शिकायतें थीं, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पार्टी फंड होने के बावजूद कई वाहन मालिकों का बकाया नहीं चुकाया है, जिन्हें उन्होंने प्रचार के लिए काम पर रखा था। जब बार-बार कोशिश करने के बावजूद कार मालिकों को भुगतान नहीं मिला, तो उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शिकायत दर्ज कराई। नोटिस में कहा गया है कि गौतम पर प्रचार सामग्री का दुरुपयोग करने और बाद में उसे बेचने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रियंका गांधी तक भी पहुंची थी बात
हालांकि, अर्चना ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक जब शिकायतें प्रियंका गांधी तक गईं, तो अर्चना गौतम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। 30 सितंबर, 2023 को गौतम ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय की यात्रा के दौरान उनके और उनके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। गौतम ने अपने बयान में कहा कि वह महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने की मान्यता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी को शुभकामनाएं देने के लिए कांग्रेस कार्यालय गई थीं।