Congress President Election: भले ही चुनाव हार जाएं शशि थरूर, लेकिन उनके कई विचारों को मानने से खड़गे का नेतृत्व हो सकता है और मजबूत

Congress President Election: शशि थरूर ने सोमवार को मतदान शुरू होने के बाद एक ट्वीट में कहा, "हम कुछ लड़ाइयां इसलिए लड़ते हैं, ताकि इतिहास याद रख सके कि वर्तमान चुप नहीं था"

अपडेटेड Oct 17, 2022 पर 5:58 PM
शशि थरूर के कई विचारों को मानने से खड़गे का नेतृत्व हो सकता है और मजबूत

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव (Congress President Election) के लिए मतदान खत्म हो चुका है। मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और शशि थरूर (Shashi Tharoor) की किस्मत का फैसला अब 19 अक्टूबर को होगा। मल्लिकार्जुन खड़गे से दो हफ्ते पहले जब पूछा गया कि अगर वह कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव जीत जाते हैं, तो उनकी क्या योजना होगी, इस पर उन्होंने कहा, "बकरीद में बचेंगे, तो मुहर्रम पर नाचेंगे, पहले मुझे जीताओ तो सही।"

इसके उलट उनके सामने मैदान में उतरे शशि थरूर ने चुनाव के लिए अपना एक बड़ा घोषणा पत्र जारी किया था। इसे लेकर कई मौकों पर खड़गे से भी उनकी योजनाओं के बारे में सवाल पूछे गए थे।

हालांकि, खड़गे ने बाद में कहा कि कांग्रेस की 'उदयपुर घोषणा' को लागू करने के लिए उनके पास एक "एक सूत्री" एजेंडा है। इसने थरूर खेमे में कई लोगों को चौंका दिया कि क्या उदयपुर घोषणा को लागू करना कभी एक ऑप्शन था।


थरूर ने सोमवार को मतदान शुरू होने के बाद एक ट्वीट में कहा, "हम कुछ लड़ाइयां इसलिए लड़ते हैं, ताकि इतिहास याद रख सके कि वर्तमान चुप नहीं था।" उनके इस ट्वीट से ऐसे संकेत मिल रहे थे कि भले ही वोटिंग गुप्त बैलेट पेपर के जरिए हो रही हो, लेकिन बुधवार को नतीजे आने पर वह चुनाव हार सकते हैं।

हालांकि, शशि थरूर का नजरिया और विचार कुछ ऐसे हैं, जिन पर कांग्रेस को विचार करना चाहिए और इसे 'बदलाव' के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए अपनाना चाहिए। इसके जरिए पार्टी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सर्वशक्तिमान BJP के खिलाफ एक नई चुनौती के तौर पर सामने आ सकती है।

एक बहुत ज्यादा पढ़े लिखे और हाई क्लास नेता होने के नाते कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने थरूर को नजरअंदाज किया, लेकिन संसद और दूसरे मंचों पर थरूर के बीजेपी पर तीखे हमलों पर अतीत में किसी का ध्यान नहीं गया।

खड़गे के हाल ही में दिए बयान- 'उन्हें गांधी परिवार से सलाह लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी', से कई लोगों के बीच ऐसे मैसेज गया कि 'वह अनौपचारिक आधिकारिक उम्मीदवार' हैं और गांधी परिवार पार्टी पर अपनी पकड़ छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

शशि थरूर के ये 10 विचार

शशि थरूर के ऐसे कौन से विचार हैं, जिनसे सीख लेकर कांग्रेस अच्छा कर सकती है? इनमें सबसे बड़ा विचार राज्य कांग्रेस अध्यक्षों को वास्तविक अधिकार देने और कांग्रेस मुख्यालय की भूमिका को 'दोबारा से तय' करने के साथ "सभी स्तरों को अपनी-अपनी पावर देने' का नजरिया है।

यह कांग्रेस का अभिशाप भी रहा है, जो कई राज्य के चुनावों में हार के बाद साफ-साफ दिखाई भी दिया है। इसके उलट BJP ने अपने राज्य नेतृत्व में गंभीरता से काम किया है।

पार्टी अध्यक्ष और पदाधिकारियों को 10 साल से ज्यादा का कार्यकाल नहीं देना। चुनाव के जरिए CWC के आधे सदस्यों का चुनाव करना थरूर के कांग्रेस संगठन को शीर्ष पर लाने के लिए प्रस्तावित अहम विचार हैं। इनमें से कुछ ऐसा विचार हैं, जिनका अब तक पार्टी में विरोध होता रहा है।

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थरूर के दूसरे विचारों में हर महीने CWC की बैठक हो और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए ऐसा अध्यक्ष हो, जो आसानी से उनकी पहुंच में हो। इसके अलावा उन्होंने 'एक आदमी, एक पद' की उदयपुर घोषणा को लागू करने पर भी जोर दिया था।

थरूर के प्रचार अभियान की भावना ज्यादातर बदलाव पर केंद्रित थी, क्योंकि पार्टी के वर्तमान मॉडल ने बीजेपी को चुनौती देने के लिए काम नहीं किया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे के कुर्सी पर बैठन के साथ, कई लोगों को लगता है कि 'बदलाव' नहीं हो सकता है या उतना तेज बदलाव नहीं होगा, जितना पार्टी को 2024 के आम चुनावों में चाहिए। थरूर को किसी प्रतियोगिता में शामिल होने से दूर करने के बजाय, सच्ची भावना के साथ थरूर के इन विचारों को शामिल करने का न सिर्फ खड़गे के नेतृत्व बल्कि पूरी कांग्रेस के लिए आगे चल कर अच्छा साबित हो सकता है।

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