केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के दफ्तर में कथित दिल्ली आबकारी घोटाले (Delhi Excise Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में तलाशी ली है। News18 के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि CBI ने "रुटीन जांच" के तहत ये तलाशी अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की टीम कुछ फाइलें लाने के लिए दिल्ली सचिवालय में सिसोदिया के कार्यालय गई थी।
केंद्रीय एजेंसी ने CrPC की धारा 91 के तहत जारी नोटिस के जवाब में छापेमारी की। CrPC की धारा 91 अदालत को मुकदमे के मकसद से दस्तावेज पेश करने के लिए सम्मन जारी करने की शक्ति देता है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राष्ट्रीय राजधानी के लिए आबकारी नीति के निर्माण और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में एजेंसी के रडार पर रहे हैं।
सिसोदिया ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा, “आज फिर CBI मेरे दफ्तर पहुंची है। उनका स्वागत है। इन्होंने मेरे घर पर रेड कराई, दफ्तर में छापा मारा, लॉकर तलशे, मेरे गांव तक में छानबीन करा ली। मेरे खिलाफ न कुछ मिला है, न मिलेगा, क्योंकि मैंने कुछ गलत किया ही नहीं है। ईमानदारी से दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है।"
बीजेपी ने सिसोदिया के बयान की निंदा की और इसे "पीड़ित होने का दावा" करार दिया। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक ट्वीट में कहा, "अगर हमें मनीष सिसोदिया और AAP के हर भ्रामक, अतिशयोक्तिपूर्ण, पीड़ित होने के दावे के लिए 1 रुपए मिलता, तो हम अब तक करोड़पति बन गए होते!"
CNN-News18 से बात करते हुए, दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना ने भी सिसोदिया से कथित "पीड़ित-कार्ड" पर सवाल उठाया, जबकि CBI ने "रुटीन जांच" के अनुसार की गई छापेमारी के बारे में स्पष्टीकरण दिया था।
उन्होंने कहा कि सीबीआई पहले ही साफ कर चुकी है कि ये एक रुटीन जांच है। मुझे समझ नहीं आता कि मनीष सिसोदिया हमेशा विक्टिम कार्ड क्यों खेलना चाहते हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की तरफ से दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को लागू करने में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की सिफारिश करने के बाद आबकारी योजना सवालों के घेरे में आ गई। LG ने 11 आबकारी अधिकारियों को निलंबित भी किया था।
सीबीआई ने कई लोगों से पूछताछ भी की है और कारोबारी विजय नायर को गिरफ्तार किया है। इसने शराब व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली को भी गिरफ्तार किया। CBI ने पहले मामला दर्ज करने के बाद उपमुख्यमंत्री और दिल्ली सरकार के कुछ नौकरशाहों के परिसरों पर छापेमारी की थी।