Delhi mayor poll: मेयर चुनाव के दौरान क्यों भिड़े AAP और BJP के पार्षद, क्या है एल्डरमैन और क्या कहता है कानून?
Delhi mayor poll: हंगामे की शुरुआत तब हुई, जब मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पार्षद सत्या शर्मा ने मनोनीत पार्षदों को शपथ लेने के लिए बुलाया। AAP ने इसका जोरदार विरोध किया
Delhi mayor poll: मेयर चुनाव के दौरान क्यों भिड़े AAP और BJP के पार्षद
Delhi mayor poll: आज यानी शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) के सदन में चुने हुए नए पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह (swearing-in ceremony) की शुरुआत ही जोरदार हंगामे से हुई। शपथ ग्रहण के आदेश को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और BJP के बीच तगड़ी भिड़ंत हो गई। उपराज्यपाल वीके सक्सेना की तरफ से नियुक्त 10 ‘एल्डरमैन’ (मनोनीत पार्षद) (aldermen) को पहले शपथ दिलाने के फैसले का आम आदमी पार्टी विरोध कर रही थी। इस हंगामे के चलते MCD की पहली बैठक रविवार को मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बिना ही स्थगित कर दी गई।
हंगामे की शुरुआत तब हुई, जब मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पार्षद सत्या शर्मा ने मनोनीत पार्षदों को शपथ लेने के लिए बुलाया। AAP ने इसका जोरदार विरोध किया।
AAP के कई विधायक और पार्षद नारे लगाते हुए आसन के करीब पहुंच गए। उन्होंने निर्वाचित पार्षदों के बजाय ‘एल्डरमैन’ को पहले शपथ दिलाने का विरोध किया।
जवाब में BJP पार्षदों ने AAP और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सदस्यों पर हाथापाई का आरोप भी लगाया। स्थिति को काबू करने के लिए सदम मार्शल के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के जवानों को भी बुलाना पड़ा।
कौन हैं एल्डरमैन?
शब्द "एल्डरमैन" से ही काफी हद तक इसका मतलब समझ आता है। मेरियम-वेबस्टर डिक्शनरी में कहा गया है, पुरानी अंग्रेजी ईल्डोर्मन से, ईल्ड (पुराना) +मैन से ये शब्द बना है। कहीं इस शब्द को एक्सपर्ट्स के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत उप-राज्यपाल 25 साल से ज्यादा उम्र के 10 लोगों को 'एल्डरमेन' मनोनीत कर सकते हैं। दूसरे शब्दों इन्हें मनोनीत पार्षद कहते हैं।
यह उम्मीद की जाती है कि इन 10 एल्डरमैन के पास नगरपालिका प्रशासन में विशेषज्ञता या अनुभव होता है।
ये एल्डरमैन, हालांकि, मेयर चुनाव में वोट नहीं कर सकते हैं। वार्ड समिति के सदस्यों के रूप में, उनके पास एक स्थायी समिति में काम करने के लिए 12 MCD क्षेत्रों में से हर एक के लिए एक प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट करने की शक्ति है।
दिल्ली मेयर चुनाव में क्या है विवाद?
AAP और BJP के बीच हाल में सबसे बड़ा विवाद MCD के एल्डरमेन के लिए LG की तरफ से किए गए नामांकन के विकल्प पर है।
उपराज्यपाल कार्यालय ने सबसे पहले दस प्रत्याशियों के नाम का नोटिफिकेशन जारी किया था। हालांकि, बाद में एक नई लिस्ट जारी की गई, जिसमें दो नाम हटा दिए गए, क्योंकि वे इस पद के लिए अयोग्य थे।
इस लिस्ट में विनोद कुमार, लक्ष्मण आर्य, मुकेश मान, सुनीत चौहान, राज कुमार भाटिया, मोहन गोयल, संजय त्यागी, राजपाल राणा, मनोज कुमार, रोहताश कुमार का नाम है।
AAP क्यों है नाराज?
AAP ने LG के एल्डरमैन नॉमिनेशन पर सवाल उठाए हैं। MCD चुनाव में AAP के 134 सदस्य जीते थे। कालकाजी से पार्टी की विधायक आतिशी ने दावा किया कि LG की तरफ से चुने गए सभी एल्डरमैन बीजेपी के सदस्य हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार के मुकाबले, जब दिल्ली सरकार की तरफ से LG को एलडरमेन के लिए उम्मीदवारों की एक लिस्ट दी गई थी, तो नामांकन प्रक्रिया दागी हो गई थी। इस बार इसे राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग के जरिए नहीं भेजा गया था।
आतिशी ने कहा, "एक गैर-कानूनी और असंवैधिानिक नोटिफिकेशन जारी किया गया था।"
BJP का पक्ष
इस बीच, BJP ने AAP पर 'संवैधानिक प्रावधानों का अनादर' करने का आरोप लगाया।
दिल्ली BJP के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, "यह अजीब है कि आतिशी कह रही हैं कि LG ने 10 एल्डरमेन की नियुक्ति में कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया है। कपूर ने कहा, "AAP को विक्टिम कार्ड खेलना बंद करना चाहिए।"
LG ऑफिस ने क्या दिया जवाब?
LG ऑफिस ने, AAP के आरोपों का खंडन किया। LG ऑफिस के एक प्रतिनिधि के अनुसार, DMC अधिनियम लेफ्टिनेंट गवर्नर को एल्डरमैन को नामित करने का अधिकार देता है। अधिकारी ने कहा कि 2022 संशोधन के अनुसार DMC अधिनियम में "सरकार" शब्द को "केंद्र सरकार" में बदल दिया गया है।
मेज पर चढ़ कर काटा बवाल
बैठक की शुरुआत बीजेपी पार्षद सत्या शर्मा को दिल्ली नगर निगम (MCD) के महापौर और उप महापौर पद के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी के रूप में शपथ दिलाने के साथ हुई।
शर्मा के ‘एल्डरमैन’ मनोज कुमार को शपथ लेने के लिए आमंत्रित करने पर AAP के विधायक और पार्षद विरोध करने लगे। कई विधायक और पार्षद नारे लगाते हुए सदन में आसन के करीब पहुंच गए।
AAP पार्षदों के पीठासीन अधिकारी की मेज समेत दूसरी मेज पर खड़े होकर नारेबाजी करने के बीच शपथ दिलाने की प्रक्रिया रोक दी गई। बीजेपी के पार्षद भी मेज के आसपास जमा हो गए। इस दौरान उनके और AAP पार्षदों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।
PTI के मुताबिक, शर्मा ने बताया, “पहले सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई थी। चार ‘एल्डरमैन’ ने शपथ ग्रहण की। हम जल्द बैठक करेंगे और बाकी ‘एल्डरमैन’ को पहले शपथ दिलाई जाएगी।”