Ram Rahim: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 2002 मर्डर केस में बरी, मैनेजर रंजीत सिंह हत्याकांड में HC ने दी राहत

Gurmeet Ram Rahim Singh: राम रहीम को 2017 में दो शिष्याओं से दुष्कर्म करने के जुर्म में 20 साल की जेल की सजा सुनायी गयी जिसके बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में है। डेरा प्रमुख और तीन अन्य को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में 2019 में दोषी ठहराया गया था

अपडेटेड May 28, 2024 पर 3:10 PM
Gurmeet Ram Rahim Singh: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया

Gurmeet Ram Rahim Singh: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को उसके पूर्व मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में मंगलवार (28 मई) को बरी कर दिया। सिरसा में स्थित डेरा का प्रमुख अभी रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। वह अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म के जुर्म में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष अदालत ने 2021 में राम रहीम और 4 अन्य को 19 साल पुराने रंजीत सिंह हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

डेरा प्रमुख राम रहीम (Dera Sacha Sauda chief Gurmeet Ram Rahim Singh) के वकील जितेंद्र खुराना ने पीटीआई से कहा, "हाई कोर्ट ने रंजीत सिंह (Ranjit Singh) हत्या मामले में उनके मुवक्किल को बरी कर दिया है।"

उन्होंने बताया कि इस मामले में दलीलें पहले ही पूरी हो गई थीं और हाई कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। खुराना ने बताया कि जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस ललित बत्रा की खंडपीठ ने राम रहीम और चार अन्य की अपीलों पर फैसला सुनाया जिन्हें हरियाणा के पंचकूला में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने अक्टूबर 2021 में दोषी ठहराया था।


CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

अदालत ने उन्हें करीब 20 साल पुराने रंजीत सिंह के हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पूर्व डेरा मैनेज रंजीत सिंह की हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 10 जुलाई 2002 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

उसकी एक अज्ञात लेटर प्रसारित करने में संदिग्ध रूप से शामिल होने को लेकर हत्या कर दी गई थी जिसमें बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम कैसे महिलाओं का यौन शोषण कर रहा है। पंचकूला की CBI अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम ने हाई कोर्ट में अपील की थी।

पहले दाखिल CBI के आरोपपत्र के अनुसार, डेरा प्रमुख मानता था कि इस अज्ञात पत्र को प्रसारित करने के पीछे रंजीत सिंह है और इसीलिए सिंह की हत्या की साजिश रची। सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम पर 31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

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राम रहीम को 2017 में दो शिष्याओं से दुष्कर्म करने के जुर्म में 20 साल की जेल की सजा सुनायी गयी जिसके बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में है। डेरा प्रमुख और तीन अन्य को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में 2019 में दोषी ठहराया गया था।

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