SBI की 29 शाखाओं में इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) की बिक्री होगी। 1 जुलाई से यह सुविधा शुरू हो गई है। 10 जुलाई तक इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदा जा सकता है। फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। राजनीतिक दलों (Political Parties) को डोनेशन देने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड का इस्तेमाल होता है।
कोई व्यक्ति, कंपनी, संगठन अगर किसी राजनीति दल को डोनेशन देना चाहता है तो उसे पहले इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदना होगा। SBI की तय 29 शाखाओं से इन्हें 1 से 10 जुलाई के बीच खरीदा जा सकता है। ये 1,000 रुपये, 10,000 रुपये, 1 लाख रुपये, 10 लाख रुपेय और 1 करोड़ रुपये के मल्टीपल में उपलब्ध हैं।
इलेक्टोरल बॉन्ड से डोनेशन लेने वाले राजनीतिक दल को बॉन्ड इश्यू होने की तारीख से 15 दिन के अंदर रिडीम (भुनाना) करना होगा। इलेक्टोरल बॉन्ड की रकम उसी दिन राजनीतिक दल के बैंक खाते में डाल दी जाएगी, जिस दिन उसे बैंक में पेश किया जाएगा।
इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने के लिए चेक का इस्तेमाल करना होगा। कैश से इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने की इजाजत नहीं है। इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले व्यक्ति का KYC (Know Your Customer) होना जरूरी है। साल में चार महीनों में 1 से 10 तारीख के बीच इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री होती है। ये महीने हैं-जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर।
इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए डोनेशन हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों के लिए दो शर्तें हैं। पहली, राजनीतिक दल सेक्शन 29A के रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए। दूसरी, उसे लोकसभा और राज्यों के चुनाव में कुल डाले गए वोट्स का कम से कम 1 फीसदी मिला होना चाहिए।
केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को डोनेशन की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड्स की शुरुआत की थी। इसे फाइनेंस बिल 2017 के जरिए पेश किया गया था। 1 फरवरी, 2017 को पेश केंद्र सरकार के बजट में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसका ऐलान किया था।
डोनेशन के मामले में BJP ने Congress को पीछे छोड़ दिाय है। पिछले कुछ सालों से BJP सबसे ज्यादा डोनेशन हासिल करने वाली कंपनी बनी रही है। कांग्रेस दूसरे नंबर पर है। पहले कांग्रेस इस मामले में नंबर वन थी।