Goa Election 2022: मनोहर पर्रिकर के 'स्वर्णिम गोवा' के सपने को पूरा करने के लिए, क्या BJP को नहीं चाहिए बेटे उत्पल पर्रिकर का साथ?

अपने पिता मनोहर पर्रिकर की विरासत को आगे बढ़ाने की चाह में उत्पल पर्रिकर ने पार्टी से पणजी से टिकट देने की मांग की

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 2:26 PM
BJP ने नहीं दिया उत्पल पर्रिकर को टिकट (FILE PHOTO)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 19 जनवरी को टालने के बाद आखिरकार 20 जनवरी को गोवा विधानसभा चुनाव (Goa Assembly Election 2022) के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 34 उम्मीदवारों के नाम है, लेकिन एक नाम जिसको लेकर गोवा के राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है, वो इस लिस्ट में नहीं है और यह नाम है, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के बेटे उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) का। उत्पल ने पणजी सीट पर पार्टी के सामने अपनी दावेदारी रखी और टिकट की मांग की, लेकिन पार्टी ने उन्हें यहां से टिकट नहीं दिया।

मनोहर पर्रिकर ने पणजी विधानसभा सीट का दो दशको से ज्यादा समय तक प्रतिनिधित्व किया था और इसी विरासत आगे बढ़ाने की चाह में उत्पल पर्रिकर ने पार्टी के सामने इस सीट से टिकट की मांग की।

दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के गोवा इंचार्ज देवेंद्र फडणवीस और दूसरे बड़े नेतओं ने राज्य के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी की। उत्पल पर्रिकर को टिकट न देने पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "पंजिम से मौजूदा विधायक को टिकट दिया गया है। उत्पल पर्रिकर और उनका परिवार हमारा भी परिवार है। हमने चुनाव लड़ने के लिए उन्हें दो सीटों के ऑप्शन दिए, जिसमें से पहले पर वो राजी नहीं हुए और साथ दूसरे विकल्प पर चर्चा की जा रही है। हमें लगता है कि उन्हें सहमत होना चाहिए।"

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इस मीडिया ब्रिफिंग में फडणवीस ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने गोवा में स्थिरता दी है और एक स्वर्णिम गोवा का सपना जो हमारे मनोहर पर्रीकर जी ने देखा था, उसको पूरा करने का काम आज वहां पर BJP कर रही है।" मगर पार्टी के इस कदम से शायद, पार्रिकर के समर्थकों निराशा हुई होगी।

साथ ही यह भी सवाल उठ सकता है कि क्या मनोहर पर्रिकर के 'स्वर्णिम गोवा' के सपने को पूरा करने के लिए बीजेपी को उनके बेटे उत्पल पर्रिकार का साथ नहीं चाहिए?

वहीं दूसरी तरफ से पार्टी के सामने एक चुनौती यह भी हो सकती है कि उत्पल पर्रिकर को टिकट देने के बाद कहीं उसे परिवारवाद के आरोपों का सामना न करना पड़ जाए। हालांकि, इसकी उम्मीद वैसे कम ही दिखती है, क्योंकि गोवा की जनता के मन में पर्रिकर को लेकर आज भी उतना ही प्यार और सम्मान है, जितना पहले था।

उत्पल पर्रिकर को टिकट नहीं देना, यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं है, क्योंकि बीजेपी पहले ही ऐसे संकेत दे चुकी थी कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा।

'कोई पूर्व सीएम का बेटा है, इसलिए वो टिकट का दावेदार नहीं'

पिछले दिनों की ही बात है, जब देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि पार्टी केवल इसलिए किसी को टिकट नहीं देगी, क्योंकि कोई पूर्व सीएम का बेटा है। तब फडणवीस ने कहा था, "सिर्फ इसलिए कि कोई मनोहर पर्रिकर या किसी नेता का बेटा है, तो वो सिर्फ इसलिए वो BJP का टिकट पाने के योग्य नहीं हो जाता है।"

उधर बीजेपी का लिस्ट आने से पहले ही पणजी में उत्पल पर्रिकर ने अपने लिए चुनाव प्रचार तक करना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने राजधानी में अपने लिए डोर-टू-डोर कैंपेन भी किया था।

मैं चुपचाप नहीं बैठूंगा- उत्पल पर्रिकर

फडणवीस के इस बयान पर उत्पल पर्रिकर ने जवाब दिया था, "गोवा में जिस तरह की राजनीति हो रही है, मैं उसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। यह मुझे मंजूर नहीं है। क्या वे सुझाव दे रहे हैं कि केवल जीतने की योग्यता ही मानदंड है। अखंडता मायने नहीं रखती है? चरित्र कोई मायने नहीं रखता? और आप उस व्यक्ति को टिकट देने जा रहे हैं, जिसका आपराधिक इतिहास है और हमें चुपचाप घर बैठना है?"

उन्होंने बड़े ही तल्ख लहजे में कहा, "अगर BJP पणजी निर्वाचन क्षेत्र के लिए मौजूदा विधायक अतानासियो मोंसेरेट को पार्टी का टिकट देती है, तो वह चुपचाप नहीं बैठेंगे।"

बता दें कि वर्तमान में पणजी सीट पर BJP के अतानासियो मोंसेरेट विधायक हैं, जो 2019 में कांग्रेस से BJP में शामिल हुए थे। उत्पल मोंसेरेट के अपराधिक इतिहास का जिक्र इसलिए करते हैं, क्योंकि मोंसेरेट 2008 में दंगों और बलात्कार सहित कई मामलों का सामना कर रहे हैं।

कयास ऐसे भी हैं कि BJP के पुराने नेता चाहते थे कि पूर्व मुख्यमंत्री के वंशज चुनाव मैदान में उतरें। वहीं दूसरी तरफ अतानासियो मोंसेरेट को तिस्वाड़ी में चार से पांच सीटों पर 'तुरुप के पत्ते' के रूप में देखा जाता है, जिसमें तालेइगाओ में उनकी पत्नी भी शामिल है।

उत्पल का समर्थन करें सभी पार्टियां- संजय राउत

वहीं बीजेपी की इस मुश्किल घड़ी का, विपक्ष भी फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। हाल ही में शिवसेना सांसद संजय राउत ने गैर-बीजेपी पार्टियों को उत्पल का समर्थन करने की सलाह दी थी।

राउत ने एक ट्वीट में कहा, "मनोहर पर्रिकर ने गोवा के विकास में योगदान दिया, लेकिन उनके निधन के बाद उनके परिवार को अपमान का सामना करना पड़ा। उनके बेटे उत्पल पर्रिकर को पणजी से टिकट दिया जाना चाहिए। चुनाव लड़ने वाले हर राजनीतिक दल को उनका समर्थन करना चाहिए और उन्हें सत्ता में लाना चाहिए।"

इसके आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं मनोहर पर्रिकर का सम्मान करता हूं। अगर उनके बेचे आम आदमी पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हों, तो उनका स्वागत है।"

हालांकि, कांग्रेस ने अभी इस पर अपनी तरफ से कुछ साफ नहीं किया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत ने Moneycontrol Hindi के साथ खास बातचीत में कहा, "उत्पल पर्रिकर को लेकर, जो भी फैसला होगा, वो पार्टी हाईकमान की तरफ से होगा, इसलिए इस पर मैं अभी कुछ नहीं कह सकता हूं।"

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