गुजरात में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। अहमदाबाद की एक अदालत ने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। 2016 में दंगा भड़काने और भीड़ एकत्रित करने के आरोप में दर्ज हुए केस में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने मेवाणी समेत 19 लोगों को छह महीने साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला मेवाणी और उनके सहयोगियों द्वारा सड़क जाम करने के आंदोलन से जुड़ा था। मेवाणी को यह सजा अहमदाबाद की एक लोकल कोर्ट ने 2016 में गुजरात यूनिवर्सिटी के पास एक आंदोलन के लिए सुनाई है। अहमदाबाद की अदालत ने जिग्नेश मेवाणी और अन्य पर जुर्माना भी लगाया है। आपको बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव इसी साल दिसंबर में होने की संभावना है।
मेवाणी और अन्य के खिलाफ गुजरात यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर केस दर्ज किया गया था। यूनिवर्सिटी के कानून विभाग के एक निर्माणाधीन भवन का नाम डॉ बीआर अंबेडकर के नाम पर रखने की अपनी मांग को दबाने के लिए कांग्रेस नेता और अन्य के खिलाफ सड़क जाम करने का मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में 20 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। अहमदाबाद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार को विधायक जिग्नेश मेवाणी, सुबोध परमार, राकेश मेहरिया समेत 19 को 6 महीने जेल की सजा सुनाई। अदालत ने पूरे मामले में दर्ज तीन केस में सजा सुनाई है।
पहले केस में 6 महीने की जेल, दूसरे में 500 रुपए जुर्माना और तीसरे में 100 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। प्रमुख दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में पार्टी ने उन्हें अपनी गुजरात इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया।