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Gujarat Elections 2022: चुनाव लड़ रहे एक दिहाड़ी मजदूर की कहानी, 2019 में तोड़ी गई झुग्गी, 1-1 रुपए के सिक्कों में भरी जमानत के 10,000 रुपए

Gujarat Elections 2022: गांधीनगर उत्तर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे महेंद्र पाटनी (Mahendra Patni) ने इस हफ्ते की शुरुआत में 1-1 रुपए सिक्कों में जमानत राशि का भुगतान किया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 19, 2022 पर 5:28 PM
Gujarat Elections 2022: चुनाव लड़ रहे एक दिहाड़ी मजदूर की कहानी, 2019 में तोड़ी गई झुग्गी, 1-1 रुपए के सिक्कों में भरी जमानत के 10,000 रुपए
Gujarat Elections 2022: चुनाव लड़ रहे एक दिहाड़ी मजदूर की कहानी (FILE PHOTO)

Gujarat Elections 2022: हमारे देश में चुनाव की एक दूसरी पहचान धन और बल का इस्तेमाल है, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Elections) में एक ऐसा उम्मीदवार मैदान में उतरा है, जिसके पास पैसा तो नहीं है, लेकिन उसकी ताकत उसके समर्थक हैं, ये बात कहीं न कहीं साबित हुई है। ये उम्मीदवार एक दिहाड़ी मजदूर (Daily Wage Worker) है, जिसकी गुजरात की राजधानी गांधीनगर (Gandhinagar) में झुग्गी बस्ती (Slum Area) को 2019 में एक होटल के लिए रास्ता बनाने के लिए तोड़ दिया गया था। इस उम्मीदवार ने चुनाव आयोग (EC) में जमानत के तौर पर 10,000 रुपए जमाए कराए। ये रकम उसने 1-1 रुपए के सिक्को में जमा की, जो उसके समर्थकों ने चंदा में जुटाए थे।

गांधीनगर उत्तर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे महेंद्र पाटनी (Mahendra Patni) ने इस हफ्ते की शुरुआत में 1-1 रुपए सिक्कों में जमानत राशि का भुगतान किया था।

उन्होंने कहा कि तीन साल पहले गांधीनगर में महात्मा मंदिर के पास एक झुग्गी में 521 झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने ने उन्हें अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनाव लड़ने के लिए कहा था।

पाटनी भी इन्हीं झुग्गियों में रहने वालों में से एक थे। इन लोगों को दो बार विस्थापित किया गया था- पहली बार 2010 में जब सरकार ने महात्मा गांधी को समर्पित दांडी कुटीर संग्रहालय का निर्माण कराया था। इसके बाद 2019 में इन झुग्गीवासियों को फिर से दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, तब ये जमीन होटल बनाने के लिए खाली कराई गई थी।

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