Hanuman Chalisa Row: नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, FIR रद्द करने की याचिका खारिज

बॉम्बे हाई कोर्ट ने राणा दंपति की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन जीने वाले लोगों से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है

अपडेटेड Apr 25, 2022 पर 6:02 PM
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास पर हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर सारा विवाद शुरू हुआ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए जिद करने वाली अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा (Ravi Rana) फिलहाल जेल में ही रहेंगी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने राणा दंपति की याचिका खारिज कर दी है। नवनीत राणा ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की अर्जी दी थी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने राणा दंपति की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन जीने वाले लोगों से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा क‍ि दूसरे FIR में गिरफ्तार करने से पहले दोनो को 72 घंटे पहले नोटिस देना होगा। अदालत ने कहा कि किसी के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ना किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है।

पति-पत्नी को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार


नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा की थी। हालांकि, इस घोषणा के बाद मुंबई में काफी बवाल हो गया। शिवसैनिकों ने राणा दंपति के घर के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में शनिवार को रवि राणा ने घोषणा की थी कि वह और उनकी पत्नी अपनी योजना रद्द कर रहे हैं ताकि 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने वाले मुंबई दौरे से पहले कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हो।

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हालांकि, राणा दंपति द्वारा योजना रद्द करने के बावजूद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सुबह पुलिस बैरिकोट तोड़कर इमारत में भी दाखिल होने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद शनिवार शाम उनको मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है।

रविवार को मुंबई की एक अदालत ने राणा दंपति को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार बहुत ही बचकाने तरीके से इस पूरे मामले से निपटी है।

देशद्रोह का धारा भी जोड़ा गया

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राणा दंपत्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा- 153 A (अलग-अलग समुदायों के बीच धर्म, भाषा आदि के नाम पर विद्वेष उत्पन्न करना),धारा 34 (सामान्य इरादे) और मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा-135 (पुलिस द्वारा लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने) का मामला दर्ज किया गया।

बाद में इसमें 124-A (राजद्रोह) की धारा भी जोड़ी गई है। बता दें कि महाराष्ट्र में इस समय हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa Row), लाउडस्पीकर (Loudspeaker Row) और अजान (Azaan Row) को लेकर घमासान मचा हुआ है।

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