राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता फहमीदा हसन खान (Fahmida Hasan Khan) ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आवास के बाहर नमाज, हनुमान चालीसा, दुर्गा पाठ, नवकार मंत्र और गुरु ग्रंथ पढ़ना चाहती हैं। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) को पत्र लिखकर अनुमति और समय मांगा है।
बता दें कि महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa Row), लाउडस्पीकर (Loudspeaker Row) और अजान (Azaan Row) को लेकर घमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के घर 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में अमरावती की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके पति विधायक रवि राणा (Ravi Rana) जेल में बंद हैं।
एनसीपी नेता ने अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पीएम आवास के बाहर हनुमान चालीसा के साथ अन्य धार्मिक पाठ करने की इजाजत मांगी है। उन्होंने पत्र में लिखा कि मैं फहमीदा हसन खान कांदिवली मुंबई महाराष्ट्र आपसे निवेदन करती हूं कि मुझे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हनुमान चालीसा, नवकार मंत्र, गुरु ग्रंथ और नोविनो पढ़ने की अनुमति दी जाए। कृप्या दिन और समय मुझे बताएं।
फहमीदा ने सरकार पर तंज सकते हुए कहा कि ये मंत्र देश में बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और कम GDP जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को हल करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपने घर में हनुमान चालीसा और दुर्गा पूजा करती हैं। लेकिन जिस तरह से देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है उसको देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी को नींद से जगाना जरूरी हो गया है।
फहमीदा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास स्थान के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने से रवि राणा और नवनीत राणा को महाराष्ट्र का फायदा दिख रहा है तो देश का फायदा करवाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर जाकर इसका पाठ करना जरूरी है।
बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान करने वाली नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा सलाखों के भीतर हैं। कोर्ट ने राणा दंपति को रविवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
शनिवार को राणा दंपति ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के आवास के बाहर जमकर हंगामा किया। बाद में मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राणा दंपत्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा- 153 A (अलग-अलग समुदायों के बीच धर्म, भाषा आदि के नाम पर विद्वेष उत्पन्न करना),धारा 34 (सामान्य इरादे) और मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा-135 (पुलिस द्वारा लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने) का मामला दर्ज किया गया। बाद में इसमें 124-A (राजद्रोह) की धारा भी जोड़ी गई है।