Loudspeaker Row: महाराष्ट्र में छिड़े लाउडस्पीकर विवाद के बीच राज्य सरकार ने आज सोमवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को भी न्योता भेजा है। हालांकि MNS की तरफ से यह बताया गया है कि बैठक में राज ठाकरे शामिल नहीं होंगे।
इस बैठक में लाउडस्पीकरों को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है। गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Ajit Pawar) बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
राज ठाकरे और फडणवीस ने बैठक से किया किनारा
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, MNS प्रमुख राज ठाकरे सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि राज ठाकरे के पहले से कुछ अपॉइंटमेंट हैं, जिनकी वजह से वो इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में मनसे नेता संदीप देशपांडे, बाला नंदगांवकर और नितिन सरदेसाई शामिल होंगे।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व सीएम एवं विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस भी बैठक में शामिल नहीं होंगे। फडणवीस ने कहा कि आज महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने जो बैठक बुलाई थी हमने उसका बहिष्कार करने का फैसला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 3-4 दिनों में जिस प्रकार से पुलिस का उपयोग करते हुए विरोधी पार्टी के लोगों को जान से मारने का प्रयास किया गया उसके बाद संवाद के लिए जगह कहां बचती है?
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर को लेकर विवाद
राज ठाकरे सहित अन्य विपक्षी पार्टियों की तरफ से मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने की जोरदार मांग के बीच यह बैठक आयोजित की गई है। लाउडस्पीकर के मुद्दे को जब से राज ठाकरे ने उठाया है, तबसे महाराष्ट्र में सियासी माहौल काफी गर्म हो चुका है।
BJP और MNS की तरफ से लगातार ठाकरे सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। राज ठाकरे ने उद्धव सरकार से तीन मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो MNS के कार्यकर्ता लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा बजाएंगे।
बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि हनुमान चालीसा महाराष्ट्र में नहीं बोली जाएगी तो क्या पाकिस्तान में बोली जाएगी। इनको (महाराष्ट्र सरकार) हनुमान चालीसा से इतनी नफरत क्यों है? हम सारे हनुमान चालीसा बोलेंगे अगर सरकार में हिम्मत है तो हमारे ऊपर राजद्रोह लगाकर दिखाएं। विपक्षी पार्टियां जिस तरह से हमलावर हैं यह देखना होगा कि राज्य सरकार लाउडस्पीकर के मुद्दे पर किस तरह का फैसला लेती है।