हरियाणा की राजनीतिक राजधानी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंद्र हुड्डा के गढ़ माने जाने वाले रोहतक जिले के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी नए उम्मीदवार उतार सकती है। 2019 के चुनावों में, चार सीटों में से कांग्रेस ने तीन सीटें जीतीं - रोहतक, गढ़ी सांपला किलोई और कलानौर, जबकि महम से एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की। सूत्रों ने कहा कि गढ़ी सांपला-किलोई से पिछला विधानसभा चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता सतीश नांदल इस बार मैदान में कूदने को तैयार नहीं हैं, जबकि कलानौर से पिछले तीन विधानसभा चुनावों में लगातार BJP के टिकट पर अपनी किस्मत आजमाने वाले राम अवतार वाल्मिकी पहले ही अंबाला में शिफ्ट हो चुके हैं।
The Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी तरह, एक और बीजेपी नेता, शमशेर खरकड़ा, जिन्होंने पिछली चुनावी लड़ाई महम से कमल के निशान पर लड़ी थी, अब वह अपनी पत्नी राधा अहलावत के लिए टिकट की कोशिश कर रहे हैं, जो पिछले कई महीनों से निर्वाचन क्षेत्र में काफी सक्रिय हैं।
भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान भी दावेदार
हालांकि, भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक निवास हुड्डा, बीजेपी के राज्य सह-मीडिया प्रभारी शमशेर खरक और महंत सतीश दास भी महम से अन्य दावेदार हैं।
पिछले पांच विधानसभा चुनावों में रोहतक सीट पर बीजेपी का चेहरा रहे पूर्व मंत्री मुनीष कुमार ग्रोवर ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है, लेकिन वह रोजाना पब्लिक मीटिंग करते रहते हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी ग्रोवर इस बार भी रोहतक से पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
ग्रोवर ने तीन बार रोहतक से मौजूदा कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा के खिलाफ चुनाव लड़ा है, जिसमें बत्रा 2009 और 2019 में विजयी रहे और ग्रोवर 2014 में जीते।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, यह लगभग तय है कि कांग्रेस इस बार भी बत्रा को मैदान में उतारेगी। रोहतक के पूर्व मेयर मनमोहन गोयल और शहर के प्रमुख डॉक्टर आदित्य बत्रा ने इस बार बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई है।