चुनावी मौसम आते ही पार्टियां और नेता एकदम एक्टिव मोड में आ जाते हैं। इस दौरान आपको कई तरह नए-नए, तो कहीं विवादित नारे भी सुनने को मिल ही जाएंगे। इन दिनों फिरोजपुर झिरका विधानसभा में एक नया चुनावी नारा सुनने को मिल रहा है। 'प्याज की तरह फोड़ देंगे'... फिरोजपुर झिरका विधायक और कांग्रेस नेता मामन खान का चुनावा नारा बन गया है। कभी उन्होंने गोरक्षक मोनू मानेसर को इसके जरिए विधानसभा से चेतावनी दी थी, जो अब खान की रैलियों का नारा बन गया है।
'प्याज की तरह फोड़ देंगे'.. ये एक मेवाती रूपक है। तब खान के इस बयान को लेकर काफी बवाल मचा था और नूंह में हुए दंगों के पीछे उनकी इसी धमकी को एक बड़ा कारण बताया गया था। प्याज की तरह फोड़ देंगे का मतलबा है- 'किसी को सबक सिखाना।'
दरअसल फरवरी 2023 में हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में, गोरक्षकों के हाथों जुनैद और नासिर की हत्याओं के तुरंत बाद, खान ने हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों में मोनू मानेसर का भी नाम लिया था और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
विधानसभा में खान ने कथित तौर पर कुछ तस्वीरें भी दिखाईं, जिसमें ये दावा किया गया कि हिंसा में मानेसर भी शामिल था। इसी दौरान विधायक ने मोनू मानेसर को मेवात में घुसने की खुली चेतावनी दी थी
मोनू मानेसर को दी थी धमकी
उन्होंने कहा, "ये मोनू मानेसर कहीं अमित शाह के साथ फोटो खिंचवा रहा है, कहीं अरुण जेटली के साथ फोटो खिंचवा रहा है। क्या ये डरना चाहता है हम मेवातियों को कि मैं इतना बड़ा आदमी हूं? अबके ये मेवात में गया तो इसको प्याज की तरह फोड़ देंगे।"
दिवंगत जेटली के साथ वाली तस्वीर कथित तौर पर पुरानी थी। खान ने विधानसभा में जो तस्वीरें दिखाईं, उनमें से कुछ में मानेसर और दूसरे गौरक्षकों को हथियार के साथ भी दिखाया। उन्होंने पूछा, “किस आधार पर सरकार ने उसे हथियार रखने की अनुमति दी है?”
इसके बाद 31 जुलाई 2023 को नूंह में बृजमंडल यात्रा पर पथराव और हिंसा होती है। एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा की वजह ये अफवाह थी कि बजरंग दल का सदस्य और कथित गोरक्षक मोनू मानेसर, इस यात्रा में शामिल होगा।
उस पर फरवरी में दो मुस्लिम पुरुषों को जिंदा जलाने और हत्या का मामला दर्ज था। नूंह में कथित गौरक्षकों ने जुनैद और नासिर की हत्या कर दी थी, जिसमें मोनू मानेसर को मुख्य आरोपी बताया गया था।
इसी हिंसा में कांग्रेस विधायक मामन खान का नाम भी सामने आया। जब बीजेपी ने उन पर हरियाणा विधानसभा में उनके फरवरी वाले इस बयान को "भड़काऊ" बताया और जुलाई में हुई नुंह हिंसा को भड़काने का आरोप भी लगाया।