हरियाणा चुनाव: कांग्रेस ने अपने ही सांसदों की इच्छा पर फेर दिया पानी! विधानसभा चुनाव का टिकट देने इनकार, कैसा होगा इसका असर?

Haryana Election 2024: कांग्रेस का ये फैसला ऐसे समय आया है, जब ऐसी खबरें चल रही हैं कि पार्टी सांसद रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। शैलजा जहां सिरसा से लोकसभा सांसद हैं, वहीं सुरजेवाला राज्यसभा सांसद हैं

अपडेटेड Aug 29, 2024 पर 7:26 PM
Haryana Election: कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी

राज्य इकाई के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाजी को रोकने के लिए कांग्रेस ने एक बड़ा ऐलान किया है। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने बुधवार को ये साफ कर दिया कि लोकसभा और राज्यसभा में उसके जो भी सांसद हैं, उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी के इस कदम को हरियाणा में 1 अक्टूबर को होने वाले चुनावों के लिए एकजुट मोर्चा पेश करने की की कोशिश की तरह देखा जा रहा है।

कांग्रेस का ये फैसला ऐसे समय आया है, जब ऐसी खबरें चल रही हैं कि पार्टी सांसद रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। शैलजा जहां सिरसा से लोकसभा सांसद हैं, वहीं सुरजेवाला राज्यसभा सांसद हैं।

कांग्रेस ने किया साफ, सांसदों को टिकट नहीं


हरियाणा के AICC प्रभारी दीपक बाबरिया ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा, "किसी को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" इस दौरान अजय माकन की अध्यक्षता में पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी ने हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए संभावित नामों पर चर्चा की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी चाहती है कि सांसद हरियाणा में चुनाव प्रचार पर फोकस करें न कि राज्य चुनाव लड़ने पर। साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी सांसदों की ओर से कोई अनुरोध नहीं मिला है।

बाबरिया ने कहा, “किसी भी सांसद ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं दिखाई है। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष और आलाकमान से अनुमति लेनी होगी और जो व्यापक सोच उभर रही है, वो यह है कि किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी।”

कांग्रेस के भीतर युद्ध

हरियाणा चुनाव (Haryana Election) में कांग्रेस के लिए एक अनोखी चुनौती देखने को मिली है, क्योंकि उसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा के बीच खींचतान के बीच अपने लोकसभा प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो हरियाणा में ये दोनों ही नेता CM पद के दावेदार होंगे।

इस साल की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस ने राज्य की 10 में से 5 सीटें जीतीं, जिससे 2019 के चुनावों में बीजेपी की सीटें आधी रह गईं। राज्य से चुने गए लोगों में पूर्व सीएम के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं और अगर कांग्रेस विजेता बनती है, तो उन्हें मुख्यमंत्री के स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाएगा।

अपनी ओर से, हुडा सीनियर भी अपना दावा पेश करने में मुखर रहे हैं। हाल ही में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर से मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने कहा कि निर्णय पार्टी आलाकमान का है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह "न थके हैं और न ही रिटायर हुए हैं।"

कुमारी शैलजा लड़ना चाहती हैं चुनाव

दूसरी ओर, शैलजा को हुड्डा के प्रतिद्वंद्वी और मुख्यमंत्री की कुर्सी के दूसरे दावेदार के रूप में देखा जाता है। पांच बार की सांसद ने पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, क्योंकि इससे उन्हें "उन लोगों की सेवा करने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने उन्हें चुना है और उनके मुद्दों को हल भी कर पाएंगी।"

शैलजा ने हाल ही में कहा था, “लोकसभा चुनाव से पहले भी, मैंने कहा था कि मेरे पास अलग-अलग मंचों पर पार्टी के लिए काम करने का अनुभव है और मुझे लगता है कि मुझे हरियाणा विधानसभा में काम करने की जरूरत है। मैंने पार्टी आलाकमान के सामने अपनी इच्छा जाहिर कर दी है। इसे स्वीकार करना या अस्वीकार करना उन पर निर्भर है। मुझे जो भी कर्तव्य सौंपा जाएगा, मैं उसे निभाऊंगी।"

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।