कांग्रेस की हरियाणा इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को बैठक की, जिसमें इस बात पर जोर दिया कि टिकट बंटवारे में उन लोगों को तवज्जो मिलेगी, जिनके जीतने की संभावना ज्यादा है और जो पार्टी के प्रति वफादार हैं। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में संभावित उम्मीदवारों और तैयारियों को लेकर मंथन किया गया। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उदय भान, प्रभारी दीपक बाबरिया, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और कई अन्य नेता मौजूद थे।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, बैठक के बाद पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी जी का साफ निर्देश है कि जो लोग वफादार, टिकाऊ और जिताऊ हैं, उन्हें टिकट में महत्व मिलना चाहिए। हमारे प्रभारी ने बैठक में इसी बात पर जोर दिया।"
उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिन के भीतर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
हरियाणा में सभी 90 विधानसभा सीट के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना चार अक्टूबर को होगी।
हरियाणा विधानसभा चुनाव में क्या हैं राजनीतिक समीकरण
हरियाणा में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है। इसका कार्यकाल तीन नवंबर को पूरा हो रहा है। प्रदेश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है।
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में BJP ने जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर असहमति के बाद यह गठबंधन टूट गया था। बाद में भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर अपनी सरकार बचा ली।
कुछ महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में हरियाणा की 10 लोकसभा सीट में से BJP को पांच और कांग्रेस को पांच सीट हासिल हुई थीं।