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Haryana Assembly Election: हरियाणा में सत्ता के ये दो बड़े दावेदार, लेकिन तीसरा फैक्टर बिगाड़ सकता है खेल

Haryana Assembly Election: हरियाणा में 26 प्रतिशत से ज्यादा आबादी के साथ जाट सबसे बड़ा जाति समूह है। वहीं, BSP का समर्थन मुख्य रूप से दलितों के एक वर्ग तक ही सीमित है। साल 2014 में हरियाणा में पहली बार बहुमत हासिल करने के बाद, बीजेपी 2019 में 40 सीटों पर सिमट गई और उसने JJP के समर्थन से सरकार बनाई

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 22, 2024 पर 2:27 PM
Haryana Assembly Election: हरियाणा में सत्ता के ये दो बड़े दावेदार, लेकिन तीसरा फैक्टर बिगाड़ सकता है खेल
Haryana Assembly Election: हरियाणा में सत्ता के ये दो बड़े दावेदार, लेकिन तीसरा फैक्टर बिगाड़ सकता है खेल

हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दल कांग्रेस सत्ता के बड़े दावेदार हैं, लेकिन यहां तीसरा फैक्टर भी है, जो दोनों बड़ी पार्टियों में से किसी का भी खेल बिगाड़ने का वजूद रखता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्षेत्रीय दल और निर्दलीय, विधानसभा चुनावों में जनता का कितना समर्थन हासिल कर पाते हैं। हाल के लोकसभा चुनावों में राज्य में विपक्षी वोटों के एकजुट होने से बीजेपी की सीटों की संख्या घटकर पांच रह गई, और बाकी सीट कांग्रेस के खाते में चली गईं, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि अब छोटी पार्टियां ज्यादा वोट हासिल करेंगी, जैसा कि अक्सर विधानसभा चुनावों में होता है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में सभी 10 सीट पर जीत हासिल की थी।

कांग्रेस नेताओं को विश्वास है कि एक अक्टूबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय मुद्दों नहीं होने पर बीजेपी से दूरी रखने वाले मतदाताओं की लामबंदी और तेज होगी।

JJP, INLD और निर्दलीय बिगाड़ेंगे खेल?

इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) का गठबंधन, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) और 2019 में जीत हासिल कर चुके कई निर्दलीय विधायक राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

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