लोकसभा आचार समिति ने 'कैश-फॉर-क्वेरी' मामले में तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर के बजाय 2 नवंबर को पेश होने के लिए कहा है। हालांकि, आचार समिति ने महुआ मोइत्रा को चेतावनी दी है कि 2 नवंबर से आगे की तारीखों में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को एथिक्स कमेटी को एक चिट्टी लिखी थी, जो 'कैश-फॉर-क्वेरी' मामले में उनके खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है। महुआ ने अपनी चिट्ठी में बताया था कि वे 31 अक्टूबर को आचार समिति के सामने पेश नहीं हो पाएंगी। उन्होंने 31 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने में असमर्थता जताई थी।
महुआ मोइत्रा ने एक ट्वीट करते हुए कहा था कि ने अपने पहले से ही संसदीय क्षेत्र के कार्यक्रमों की वजह से 5 नवंबर के बाद ही पेश हो पाएंगी। टीएमसी सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आधिकारिक पत्र ईमेल किए जाने से पहले समन लाइव टीवी पर लीक कर दिया गया था। महुआ ने कहा था कि चेयरमैन, एथिक्स कॉम ने मेरे 31/10 समन का ऐलान लाइव टीवी पर 19:20 बजे मुझे ईमेल किए गए आधिकारिक पत्र से बहुत पहले की थी। सभी शिकायतें और स्वत: संज्ञान संबंधी हलफनामे भी मीडिया को जारी किए गए। महुआ मोइत्रा ने कहा, मैं 4 नवंबर को अपने पूर्व-निर्धारित निर्वाचन क्षेत्र के कार्यक्रमों के खत्म होने के तुरंत बाद पद छोड़ने के लिए तैयार हूं।
समिति के सामने पेश होना चाहती हैं महुआ
लोकसभा आचार समिति पैनल के अध्यक्ष विनोद सोनकर को लिखे अपने पत्र में, महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह "अपमानजनक आरोपों के खिलाफ शारीरिक रूप से उपस्थित होने और अपना बचाव पेश करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने की इजाजत भी मांगी। मैं 5 नवंबर 2023 के बाद समिति की पसंद की किसी भी तारीख और समय पर समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समय दिए जाने का अनुरोध करतीहूं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, संसदीय आचार समिति ने उपस्थिति की तारीख तीन दिन बढ़ा दी और उन्हें 2 नवंबर को उसके सामने पेश होने के लिए कहा।