उत्तराखंड (Uttarakhand) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस (Congress) के चुनाव प्रचार प्रमुख हरीश रावत (Harish Rawat) के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में बवाल मचा दिया है। अपने एक इस ट्वीट में रावत का दावा है कि पार्टी संगठन उनकी मदद करने के बजाय बाधा डाल रहा है। ये बयान ऐसे समय आया, जब कुछ महीनों में पहाड़ी राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
एक फेसबुक पोस्ट और अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए कई ट्वीट में, रावत ने कहा कि "सत्ता " ने "चुनाव रूपी समुद्र में कई मगरमच्छ छोड़े रखे हैं" और उन्हें तैरना है। बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने अपनी बातों के बारे में विस्तार से ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।
रावत ने फेसबुक और ट्विटर पर लिखा, "है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है..."
उन्होंने लिखा, "सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!"
रावत ने आगे लिखा, "फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उपापोह की स्थिति में हूं, नया साल शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।"
पोस्ट के कुछ मिनट बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 73 साल के रावत ने कहा कि वह बाद में पोस्ट में कही गई सभी बातों के बारे में बात करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, "आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस राज्य में रोजगार के मुद्दे पर है और बेरोजगार कैसे दर्द में हैं, जो बातें मैंने ट्वीट में कही हैं, उस पर फिर कभी बात करूंगा।"
लंबे समय से गुटबाजी से त्रस्त उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए रावत सबसे अच्छी उम्मीद माने जाते हैं। जबकि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक चुनावी राज्य के लिए अपना सीएम चेहरा घोषित नहीं किया है, पार्टी में कई लोगों का मानना है कि इस चुनाव में कांग्रेस को वोट रावत के लिए मिलेंगे।
कांग्रेस संगठन के महासचिव मथुरा दत्त जोशी ने हाल ही में कहा था कि रावत की तरफ से 'उत्तराखंडीयत' या उत्तराखंड की भावना से शुरू की गई बातचीत से पार्टी को मदद मिलेगी।
जोशी ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हरिश रावत राज्य में एक बड़े ही पॉपुलर नेता हैं और उनका खुद का 7 से 10 प्रतिशत का वोट बैंक है।"
जोशी ने आगे कहा, "अभी ये मायने नहीं रखता है कि हमारा सीएम कैंडिडेट कौन होगा, ये पार्टी तय करेगी, लेकिन अभी तक वोट सिर्फ रावत के लिए ही मिलेंगे। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि मतदाता जानता है कि उनकी उम्र के कारण हरीश रावत के लिए यह आखिरी चुनाव हो सकता है।"