इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार (Jagadish Shettar) गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापस लौट आए। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर नाराज होने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। राजधानी दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजीव चंद्रशेखर, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा, मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी और पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र की मौजूदगी में उनकी घर वापसी हुई।
इस दौरान जगदीश शेट्टार ने कहा, ''पार्टी ने मुझे पहले भी कई जिम्मेदारियां दी थीं। कुछ मुद्दों के चलते मैं कांग्रेस पार्टी में गया था। पिछले 8-9 महीनों में बहुत सारी चर्चाओं के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझसे भाजपा में वापस आने के लिए कहा। येदियुरप्पा और विजयेंद्र भी चाहते थे कि मैं भाजपा में वापस आऊं। मैं इस विश्वास के साथ पार्टी में फिर से शामिल हो रहा हूं कि नरेंद्र मोदी को फिर से PM बनाना है, जिससे भारत को और मजबूत किया जा सके।''
हुबली-धारवाड़ मध्य सीट से छह बार विधायक रहे जगदीश शेट्टार की गिनती राज्य के अनुभवी नेताओं में होती है। उनका परिवार जनसंघ के दिनों से पार्टी से जुड़ा रहा। वह कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। BJP में रहते हुए उन्होंने मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं।
कर्नाटक के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने 67 वर्षीय शेट्टार से, दूसरों के लिए रास्ता बनाने के लिए विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का आग्रह किया था। हालांकि वह इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह आखिरी बार चुनाव लड़ना चाहते हैं।
टिकट न मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। कांग्रेस में शामिल होने के बाद शेट्टार ने आरोप लगाया था कि BJP ने उन्हें टिकट न देकर अपमानित किया और पार्टी सीमित लोगों के नियंत्रण में है। कांग्रेस ने उन्हें हुबली-धारवाड़ मध्य सीट से अपना उम्मीदवार भी बनाया था लेकिन वह विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के हाथों पराजित हो गए थे।