पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है। गुरुवार दोपहर 12.30 बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुआ।
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है। गुरुवार दोपहर 12.30 बजे शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नए उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई अन्य नेता मौजूद थे।
जगदीप धनखड़ ने शपथ ग्रहण करने से पहले गुरुवार को सुबह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। बापू के स्मारक पर जाने के बाद धनखड़ ने ट्वीट किया, ‘‘पूज्य बापू को श्रद्धांजलि देते हुए राजघाट की शांत भव्यता में भारत की सेवा में तत्पर रहने के लिए अपने आप को धन्य एवं प्रेरित महसूस किया।’’
Felt blessed, inspired and motivated to be ever in service of Bharat in serene sublimity of Raj Ghat while paying respects to Pujya Bapu. pic.twitter.com/Uzh85n47LN
— Jagdeep Dhankhar Vice-President of India (@jdhankhar1) August 11, 2022
धनखड़ को 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। उन्होंने 74.36 प्रतिशत वोट हासिल किया था। उपराष्ट्रपति के रूप में वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो गया। धनखड़ ने उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशी के तौर पर विपक्ष की साझा उम्मीदवार मार्ग्रेट आल्वा को पराजित किया था।
Shri Jagdeep Dhankhar being sworn in as the 14th Vice President of India by the President, Smt. Droupadi Murmu at a swearing-in ceremony at Rashtrapati Bhavan today. pic.twitter.com/zOSdfYCkOp — Vice President of India (@VPSecretariat) August 11, 2022
एकतरफा मुकाबले में जगदीप धनखड़ को कुल 528 मत मिले, जबकि आल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले। इस चुनाव में कुल 725 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 710 वोट वैध पाए गए और 15 मतपत्रों को अवैध पाया गया। धनखड़ पदेन सभापति के रूप में राज्यसभा की अध्यक्षता भी करेंगे।
धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू जिले में स्थित एक गांव के कृषि परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ से पूरी की। भौतिकी में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। फिर कुछ दिनों में ही वह राज्य के प्रमुख वकीलों में से एक बन गए।
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