जम्मू कश्मीर में करीब एक दशक के बाद विधानसभा चुनाव होनों जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 15 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट भी जारी कर दी है, जिसमें एकलौती महिला उम्मीदवार शगुन परिहार का नाम है, जिन्हें BJP ने किश्तवाड़ विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है। परिहार के चाचा अनिल परिहार, जो कभी बीजेपी के जिला महासचिव थे। उन्हें 2018 में आतंकवादियों ने मार दिया था।
टिकट मिलने के बाद शगुन परिहार ने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनीति में आऊंगी। चलिए देखते हैं कि चीजें मेरी किस्मत कैसे बदलती हैं। पार्टी ने मेरी उम्मीदवारी की घोषणा की है, यह हमारे लिए बहुत इमोशनल पल है।"
छात्र जीवन से जमीनी राजनीति में
उन्होंने कहा, "मैं यह चुनाव राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी नौकरियों के मुद्दों पर लड़ूंगी। मुझे विश्वास है कि मैं पार्टी की कसौटी पर खरी उतरूंगी।"
परिहार इलेक्ट्रॉनिक्स में अपनी PhD पूरी कर रही थीं। वह सक्रिय राजनीति में शामिल नहीं थीं और न ही भविष्य में उनका राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा था।
हालांकि, क्योंकि उनके चाचा अजीत परिहार जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता थे, इसलिए वह छात्र जीवन से ही जमीनी स्तर की राजनीति में सक्रिय थीं।
2018 में हुई पिता और चाचा की हत्या
नवंबर 2018 में आतंकियों ने उनके चाचा अनिल और उनके पिता अजीत परिहार की हत्या कर दी थी। अनिल परिहार जिले में कद्दावर नेता माने जाते थे।
शगुन परिहार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रो पड़ीं, क्योंकि उन्हें 2018 का आतंकवादी हमला याद आ गया, जिसमें उन्होंने अपने पिता और चाचा को खो दिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर सुरक्षा उनकी प्राथमिकताओं में से एक होगी।
उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहती कि जब मैंने अपने पिता और चाचा को खोया, तो जो कुछ मुझे सहना पड़ा, उसका सामना किसी और को करना पड़े।'' उन्होंने आगे कहा, ''मैं महिला सशक्तिकरण और फिर महिलाओं और किश्तवाड़ के लोगों के रोजगार पर भी ध्यान केंद्रित करूंगी।''