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Jharkhand Politics: 'मेरा अपमान और तिरस्कार हुआ' चंपई सोरेन ने कर दी बगावत, बोले- कोई साथी मिल जाए, तो...

Jharkhand JMM Crisis: झारखंड के पूर्व CM चंपई सोरेन ने लिखा, मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से संन्यास ले लूं, दूसरा, अपना अलग संगठन बना लूं और तीसरा, अगर मुझे इस रास्ते पर कोई साथी मिल जाए, तो उसके साथ आगे की यात्रा करूं। उस दिन से लेकर आज तक और आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव तक, इस यात्रा में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 18, 2024 पर 7:09 PM
Jharkhand Politics: 'मेरा अपमान और तिरस्कार हुआ' चंपई सोरेन ने कर दी बगावत, बोले- कोई साथी मिल जाए, तो...
Jharkhand Politics: चंपई सोरेन ने कर दी बगावत, बोले- कोई साथ मिल जाए, तो...

आखिरकार झारखंड की राजनीति में वो भूचल मच ही गया, जिसका अंदेशा था। न न करते हुए भी चंपई सोरेन ने खुलकर ये बता दिया कि JMM में सब कुछ ठीक नहीं है। झारखंड के पूर्व सीएम और जेएमएम नेता चंपई सोरेन ने X पर बहुत लंबा पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने लिखा, "इतने अपमान और तिरस्कार के बाद मुझे वैकल्पिक रास्ता तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारी मन से मैंने विधायक दल की बैठक में कहा कि ''एक नया अध्याय'' आज से मेरी जिंदगी की शुरुआत होने जा रहा है। इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से संन्यास ले लूं, दूसरा, अपना अलग संगठन बना लूं और तीसरा, अगर मुझे इस रास्ते पर कोई साथी मिल जाए, तो उसके साथ आगे की यात्रा करूं। उस दिन से लेकर आज तक और आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव तक, इस यात्रा में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं।"

अपने X अकाउंट पर JMM विधायक ने लिखा, "आज समाचार देखने के बाद, आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक, मैंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है।"

उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों और पिछड़े तबके के लोगों को उनका अधिकार दिलवाने की कोशिश करता रहा हूं। किसी भी पद पर रहा या नहीं, लेकिन हर पल जनता के लिए उपलब्ध रहा, उन लोगों के मुद्दे उठाता रहा, जिन्होंने झारखंड राज्य के साथ, अपने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।

उन्होंने दावा किया कि INDIA गठबंधन ने उन्हें मुख्यमंत्री के लिए चुना था। सोरेन ने लिखा, "इसी बीच, 31 जनवरी को, एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद, इंडिया गठबंधन ने मुझे झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा करने के लिए चुना। अपने कार्यकाल के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन (3 जुलाई) तक, मैंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस दौरान हमने जनहित में कई फैसले लिए और हमेशा की तरह, हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहा। बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और समाज के हर तबके तथा राज्य के हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हमने जो निर्णय लिए, उसका मूल्यांकन राज्य की जनता करेगी।"

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