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Karnataka Polls: कर्नाटक में फर्जी मतदान पर अंकुश लगाएगी यह नई तकनीक, लंबी लाइन से मिलेगी निजात

Karnataka Polls: कर्नाटक में 10 मई को होने वाले मतदान में फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने और लंबी लाइन से छुटकारा पाने के लिए चुनाव आयोग ने खास तैयारी की है। चुनाव आयोग (ECI) कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक मतदान केंद्र में चेहरे की पहचान के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगा। इस नई तकनीक को पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा

Akhileshअपडेटेड May 08, 2023 पर 5:31 PM
Karnataka Polls: कर्नाटक में फर्जी मतदान पर अंकुश लगाएगी यह नई तकनीक, लंबी लाइन से मिलेगी निजात
Karnataka Polls: 10 मई को कर्नाटक की जनता तय करेगी कि राज्य में फिर से भगवा का परचम लहराएगा या कांग्रेस सरकार बनाएगी

Karnataka Polls 2023: कर्नाटक में 10 मई को होने वाले मतदान में फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने और लंबी लाइन से छुटकारा पाने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने खास तैयारी की है। चुनाव आयोग (ECI) कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक मतदान केंद्र में चेहरे की पहचान के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगा। इस नई तकनीक को पहली बार किसी विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा। कर्नाटक मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास राजकीय रामनारायण चेलाराम कॉलेज पैलेस रोड पर स्थित मतदान केंद्र पर इस नए सिस्टम को लगाया गया है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस मतदान केंद्र के मतदाताओं को चुनाव आयोग के Chunavana मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड करना होगा। फिर अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर, मोबाइल नंबर दर्ज करने और एक OTP जनरेट करने के बाद उन्हें ऐप के माध्यम से एक सेल्फी अपलोड करनी होगी। एक बार जब कोई मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंच जाता है, तो सत्यापन के लिए उसे चेहरे की पहचान स्कैनिंग से गुजरना पड़ता है। अगर तस्वीर चुनाव आयोग के डेटाबेस से मेल खाती है, तो मतदाता को कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी और उसे अपना वोट डालने की मंजूरी मिल जाएगी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह सिस्टम लंबी कतारों को कम करेगा और फर्जी मतदान को रोकेगा। यह सिस्टम DigiYatra की तरह है, जो एयरपोर्ट पर लंबी कतार कम करने के लिए यात्रियों के लिए एक बायोमेट्रिक बोर्डिंग सिस्टम है।

कर्नाटक के विशेष अधिकारी (चुनाव) एवी सूर्य सेन ने मनीकंट्रोल को बताया कि हमने पायलट प्रोजेक्ट के लिए शिवाजी नगर में इस बूथ की पहचान की है, क्योंकि अन्य बूथों के 1,500 मतदाताओं की तुलना में इसमें लगभग 300 मतदाता हैं। यह सीईओ के कार्यालय से निकटता के कारण भी है। बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) इस बूथ के सभी मतदाताओं के घरों में जाकर नई तकनीक के बारे में बता रहे हैं। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है, जो लोग इस सुविधा का विकल्प नहीं चुनना चाहते हैं वे पारंपरिक तरीके का पालन कर सकते हैं। इसका लाभ उठाने वाले मतदाताओं के लिए एक अलग लाइन होगी।

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