Karnataka Elections: CM बोम्मई से लेकर सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और बीवाई विजयेंद्र तक, ये है दिग्गज उम्मीदवारों की सीट का हाल
Karnataka Assembly Elections 2023: कर्नाटक में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां अपने विकास कार्यों के आधार पर जनता से दूसरा कार्यकाल मांग रही है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा दे रही है। दोनों पार्टियों के बीच कांटे की लड़ाई है और ऐसे में हर विधानसभा क्षेत्र का नतीजा इनके लिए काफी अहम हो जाता है। आइए जानते हैं कर्नाटक चुनाव के दिग्गज उम्मीदवारों पर एक नजर
Karnataka Assembly Elections 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे 13 मई को आएंगे
Karnataka Assembly Elections 2023: कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार को मतदान पूरा हो गया। अब सभी की निगाहें मतगणना वाले दिन पर टिकी है, जो शनिवार 13 मई को होगी। चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने के अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) जहां अपने विकास कार्यों के आधार पर जनता से दूसरा कार्यकाल मांग रही है। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा दे रही है। दोनों पार्टियों के बीच कांटे की लड़ाई है और ऐसे में हर विधानसभा क्षेत्र का नतीजा इनके लिए काफी अहम हो जाता है। आइए जानते हैं कर्नाटक चुनाव के दिग्गज उम्मीदवारों पर एक नजर
बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai):
61 वर्षीय बसवराज बोम्मई राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता है। वे राज्य की शिगगांव विधानसभा सीट से जीत के लिए खड़े है, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार यासिर अहमद खान पठान से है। बसवराज बोम्मई, प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं और उन्हें बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद 27 जुलाई 2021 को बीजेपी ने कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया था। उत्तर कर्नाटक से आने वाले बोम्मई 2008 से ही शिगगांव से विधायक हैं और इस दौरान वह 3 बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं।
वे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसआर बोम्मई के बेटे हैं। उन्होंने 2008 में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। हालांकि बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।
डीके शिवकुमार (D K Shivakumar)
डीके शिवकुमार राज्य की कनकपुरा विधानसभा से मौजूदा विधायक और कांग्रेस के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष हैं। बीजेपी ने उनके खिलाफ आर अशोक को टिकट दिया है, जो मौजूदा सरकार में रेवेन्यू मिनिस्टर है। कनकपुरा को कभी जनता दल सेक्युलर (JDS) का गढ़ माना जाता था। हालांकि डी के शिवकुमार ने अब इसे कांग्रेस के किले के रूप में बदल दिया है। शिवकुमार सात बार विधायक चुने गए हैं और कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों में महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर रहे हैं। जेडी (एस)-कांग्रेस की हालिया गठबंधन सरकार में उन्हें सिंचाई मंत्री बनाया गया था, जो 2019 में गिर गई थी।
इसके अलावा शिवकुमार एक कुशल रणनीतिकार हैं और मुसीबत के समय इन्हें कांग्रेस के संकटमोचक के रूप में देखा जाता है। 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस-जेडी (एस) को साथ लाने और गठबंधन सरकार बनवाने में उनकी प्रमुख भूमिका मानी जाती है।
सिद्धारमैया (Siddaramaiah)
सिद्धारमैया, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता है। वे इस बार वरुणा विधानसभा सीट से अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट से उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया विधायक चुने गए थे। बीजेपी ने उनके खिलाफ वी सोमन्ना को मैदान में उतारा है, जो मौजूदा सरकार में हाउसिंग मिनिस्टर है। सिद्धारमैया ने पिछला विधानसभा चुनाव चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट से लड़ा था, जहां से वे 5 बार विधायक चुने गए हैं, लेकिन दो बार हार गए थे।
सिद्धारमैया ने 1983 में लोकदल पार्टी के टिकट पर चामुंडेश्वरी सीट से चुनाव जीतकर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह जनता पार्टी में शामिल हो गए, जो 1988 में कई अन्य पार्टियों के साथ मिलकर जनता दल बन गया।
बाद में जनता दल के दो धड़ों में बंटने के बाद वह देवगौड़ा की अगुआई वाले जनता दल (सेक्युलर) में शामिल हो गए और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने। उन्हें साल 2005 में पार्टी से निष्काषित कर दिया गया, जब देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी को पार्टी में ज्यादा अहमियत दी जाने लगी थी। सिद्धारमैया 2006 में अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे.
एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy)
एचडी कुमारस्वामी, पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा के बेटे है। वह चन्नापटना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुख्य मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार सीपी योगेश्वरा से है। इस विधानसभा सीट में कुल 2,17,606 मतदाता हैं, जिनमें से 42.96 प्रतिशत वोटर्स मुस्लिम और 55.66 प्रतिशत मतदाता हिंदू हैं।
कुमारस्वामी ने 1996 में बेंगलुरु ग्रामीण सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि 1998 में वह कनकपुरा लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे। 2004 में उन्होंने रामनगर सीट से विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने। उन्होंने साल 2006 से 2007 के दौरान अपने पिता की मंजूरी के बिना बीजेपी के साथ गठबंधन किया और पहली बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।
2018 के विधानसभा चुनाव में वह जेडीएस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे और उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी।
बीवाई विजयेंद्र (BY Vijayendra)
बीवाई विजयेंद्र, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा के बेटे है। वह शिकारीपुरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से उनके पिता आठ बार विधायक रहे हैं। विजयेंद्र के खिलाफ कांग्रेस ने गोनी मालतेश को उम्मीदवार बनाया है। जबकि जेडीएस ने सुधाकर शेट्टी को मैदान में उतारा है।
विजयेंद्र को बीजेपी ने अपना प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया था। इससे पहले उन्हें बीजेपी की युवा शाखा का महासचिव बनाया गया था। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनावों में अंतिम समय में उन्हें मैसूर की वरुणा सीट से बीजेपी ने टिकट देने से इनकार कर दिया था।