कर्नाटक में SC-ST के लिए आरक्षण बढ़ा, अध्यादेश को राज्यपाल ने दी मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट की तय सीमा हुई पार

इस फैसले से कर्नाटक में आरक्षण की सीमा अब 56 फीसदी तक पहुंच जाएगी, जो कि इंदिरा साहनी के फैसले में सुप्रीम कोर्ट की तय की गई 50 प्रतिशत सीमा से ऊपर है

अपडेटेड Oct 24, 2022 पर 12:20 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
SC-ST के लिए आरक्षण बढ़ाने वाले अध्यादेश को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है

SC/ST Reservation: कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षण बढ़ाने वाले अध्यादेश को रविवार को अपनी मंजूरी दे दी। अध्यादेश मंजूर होने के साथ ही अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण मौजूदा 15 फीसदी से बढ़कर 17 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों के लिए मौजूदा 3 फीसदी से बढ़कर 7 प्रतिशत हो जाएगा।

यह अध्यादेश जस्टिस नागमोहन दास समिति की रिपोर्ट के अनुरूप है। राज्य मंत्रिमंडल ने कुछ दिन पहले अध्यादेश को मंजूरी दी थी। राज्यपाल ने रविवार को इसे मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अध्यादेश को कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा, ताकि इसे वहां मंजूरी मिल सके।

ये भी पढ़ें- Indian Railways ने त्योहारी सीजन में दिया झटका, इन रेलवे स्टेशनों पर 50 रुपये का हो गया प्लेटफॉर्म टिकट


बोम्मई ने आगे कहा कि हमारी सरकार आरक्षण बढ़ाने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ी है। यह हमारी सरकार की ओर से एससी-एसटी को तोहफा है। अध्यादेश का उद्देश्य कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थानों में सीट के आरक्षण और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए राज्य के तहत सेवाओं में नियुक्तियों या पदों का प्रावधान करना है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या होगा?

इस फैसले से कर्नाटक में आरक्षण की सीमा अब 56 फीसदी तक पहुंच जाएगी, जो कि इंदिरा साहनी के फैसले में सुप्रीम कोर्ट की तय की गई 50 प्रतिशत सीमा से ऊपर है। इसलिए सरकार आने वाले दिनों में इसे कानूनी संरक्षण देने के लिए संविधान की 9वीं अनुसूची के तहत कोटा वृद्धि लाने की सिफारिश करेगी।

कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा कि एससी/एसटी आरक्षण बढ़ाने के फैसले के बाद हमने मंत्रिमंडल के समक्ष इस आशय संबंधी एक विधेयक पेश किया और इसे राज्यपाल के पास अध्यादेश जारी करने के लिए भेजने का फैसला किया गया।

उन्होंने बताया कि अध्यादेश संविधान के विभिन्न वर्गों का हवाला देते हुए एक विस्तृत नोट के साथ आरक्षण में बढ़ोतरी को सही ठहराता है। मंत्री ने कहा कि हमने इस बात पर जोर दिया है कि पहले कर्नाटक में अनुसूचित जाति के तहत केवल 6 जातियां थीं, जिनमें अब 103 जातियां, घुमंतू और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जोड़ा गया है, इसलिए जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।