'NDA में शामिल होना चाहते थे KCR, लेकिन...' तेलंगाना में PM मोदी ने BRS पर जमकर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने KCR को ‘हर तरह की मदद’ देने से इनकार कर दिया, तब से वह उनसे दूर भागने लगे। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का लोकप्रिय नाम ‘केसीआर’ है। जनसभा के दौरान मोदी ने लोगों से कहा कि वह आज एक ऐसा खुलासा करना चाहते हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि वह जो बताने जा रहे हैं, उसमें ‘शत प्रतिशत सच्चाई’ है
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 03, 2023 पर 7:23 PM
PM मोदी ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री KCR, NDA में शामिल होना चाहते थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को दावा किया कि तेलंगाना (Telangana) की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (BRS) के मुखिया और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने उनसे दिल्ली में मुलाकात कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने उन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन में जगह देने से इनकार कर दिया। मोदी ने तेलंगाना में करोड़ों रुपए के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यस किया। इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने ये दावा भी किया एक और मुलाकात के दौरान KCR ने उनसे कहा था कि वह तेलंगाना की सत्ता अपने बेटे और BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव को सौंप देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने KCR को ‘हर तरह की मदद’ देने से इनकार कर दिया, तब से वह उनसे दूर भागने लगे। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का लोकप्रिय नाम ‘केसीआर’ है।
जनसभा के दौरान मोदी ने लोगों से कहा कि वह आज एक ऐसा खुलासा करना चाहते हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि वह जो बताने जा रहे हैं, उसमें ‘शत प्रतिशत सच्चाई’ है।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 48 सीट मिली थीं और किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था।
मोदी ने कहा कि इस चुनाव से पहले KCR एयरपोर्ट पर पूरी फौज लेकर उनका स्वागत करने आते थे, बढ़िया-बढ़िया माला पहनाते थे और बहुत सम्मान करते थे।
उन्होंने कहा, "फिर क्या हुआ? अचानक बंद कर दिया? अचानक गुस्सा क्यों निकलने लगा? इसका कारण है कि हैदराबाद के चुनाव के बाद वह मुझसे दिल्ली में मिलने आए। बहुत बढ़िया मुझे शॉल ओढ़ाई। बहुत आदर किया। इतना प्यार दिखाया, इतना प्यार दिखाया...यह KCR के चरित्र में ही नहीं है। और फिर मुझे कहने लगे कि आपके नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। हम भी एनडीए का हिस्सा बनना चाहते हैं। आप हमें शामिल कर लीजिए।"
'आपके कारनामे ऐसे हैं कि मोदी आपके साथ जुड़ नहीं सकता'
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने KCR से इसकी वजह जानना चाही, तो उन्होंने हैदराबाद नगर निगम में BJP के समर्थन की मांग की।
मोदी ने कहा, "मैंने KCR को कहा कि आपके कारनामे ऐसे हैं कि मोदी आपके साथ जुड़ नहीं सकता है। हैदराबाद में हमें विपक्ष में बैठना पड़ेगा, तो हम बैठेंगे। KCR की सरकार हमारे कार्यकर्ताओं पर जुल्म करेगी, तो हम जुल्म सहेंगे, लेकिन हम तेलंगाना की जनता से दगा नहीं कर सकते हैं।"
मोदी ने बताया कि उन्होंने KCR से कहा था कि भले तेलंगाना की जनता ने हैदराबाद में उन्हें 48 सीट दीं, BJP के लिए ये तेलंगाना का भाग्य बदलने की शुरुआत है।
उन्होंने कहा, "मैंने उन्हें हर तरह से मदद करने से इनकार कर दिया। NDA में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। फिर उसके बाद उनका दिमाग फटका। फिर तो वह दूर भागते रहे।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केसीआर फिर एक बार उनसे मिलने आए। मोदी ने कहा, "उन्होंने (केसीआर) कहा कि मोदी जी, मैंने बहुत काम कर लिया। अब मैं सारा कारोबार KTR को दे देना चाहता हूं। मैं एक बार केटीआर को भेजूंगा। आप जरा उसको आशीर्वाद दे देना। ये उन्होंने मुझे कहा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने कहा KCR...ये लोकतंत्र है। तुम कौन होते हो बेटे को राजगद्दी सौंपने वाले? तुम कोई राजा-महाराजा हो क्या? मैंने कहा कि लोकतंत्र में तेलंगाना की जनता तय करेगी। किसको बिठाना है, किसको नहीं बिठाना है। बस वो दिन आखिरी था। उसके बाद एक बार भी आंखें नहीं मिला पा रहे हैं, वह मुझसे। मेरी परछाई भी देखने की हिम्मत नहीं बची उनकी।"
प्रधानमंत्री ने निजामाबाद में सरकारी कार्यक्रम में KCR की गैर-मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि ‘कोई भ्रष्टाचारी मेरे बगल में बैठकर ताप सहन नहीं कर सकता है, इसलिए वह भाग रहे हैं।’
मोदी ने कहा कि तेलंगाना के निर्माण के लिए हजारों परिवार संघर्ष करते-करते तबाह हो गए और बड़ी संख्या में नौजवानों ने जीवन का बलिदान कर दिया, लेकिन आज एक परिवार ने सब कुछ पर ‘कब्जा’ कर लिया।
उन्होंने कहा, "तेलंगाना में बस एक ही परिवार ने यहां के लाखों परिवारों के सपनों पर कब्जा कर लिया है। वर्तमान तेलंगाना में या तो वह (KCR) खुद हैं या उनके बेटे हैं या उनकी बेटी है या उनके भतीजे हैं या उनके भांजे हैं या चाहे उनके ससुराल वाले हैं। कोई बचा ही नहीं है। क्या आपने कभी सोचा है कि वह कैसे आपके एक वोट का इस्तेमाल अपने परिवार को अमीर बनाने में कर रहे हैं। इन लोगों ने तेलंगाना में भाई भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद का सबसे बड़ा नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ता है और जब पूरा सिस्टम एक परिवार की सेवा में लगा रहता है, तब वह परिवार सिस्टम में शीर्ष से लेकर नीचे तक उन्हीं लोगों की भर्ती करता है, जो उनके करीबी होते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में रहते हुए BJP तेलंगाना के विकास के लिए जितना कर सकती है, वह लगातार कर रही है।
उन्होंने लोगों को निजामों से हैदराबाद को मुक्ति दिलाने में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, "उस समय एक गुजराती बेटा सरदार वल्लभ भाई पटेल ने ताकत का परिचय दिया और आपकी आजादी को पक्का कर दिया। आज दूसरा गुजराती बेटा आपकी समृद्धि के लिए आया है, आपके विकास के लिए आया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना सरकार को भारी धनराशि दी है, लेकिन राज्य सरकार ने इसमें ‘लूट मचा’ रखी है।
उन्होंने आरोप लगाया, "लूट सको तो लूट, यही उनका मंत्र है। लोकतांत्रिक देश में प्रजा का महत्व होना चाहिए, परिवारवादियों का नहीं। इन्होंने तो लोकतंत्र को लूटतंत्र बना दिया है और प्रजातंत्र को परिवारतंत्र बना दिया है।"