देश के पूर्व डिप्टी प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबियत खराब हो गई है। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें उम्र संबंधी तकलीफ होने के बाद अस्पताल ले जाया गया है। बुधवार देर रात उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। पूर्व उप प्रधानमंत्री को एम्स के पुराने निजी वार्ड में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स उनका इलाज कर रहे हैं। फिलहाल उनकी सेहत के बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।
31 मार्च को लालकृष्ण आडवाणी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके घर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी मौजूद थे।
NDA की जीत के बाद आडवाणी से मिलने पहुंचे थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जून को लोकसभा चुनाव में NDA की जीत के बाद लाल कृष्ण आडवाणी से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आडवाणी को गुलदस्ता भेंट किया। आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में एक सिंधी परिवार में हुआ था। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि मैंने 12 सितंबर, 1947 को पाकिस्तान छोड़ दिया था। उनके आने के एक महीने बाद उनका परिवार भारत आया था। 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 7वें उपप्रधानमंत्री रहे। इससे पहले 1998 से 2004 के बीच NDA सरकार में गृहमंत्री रहे। वे भाजपा के फाउंडर मेंबर्स में शामिल हैं। 10वीं और 14वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका बखूबी निभाई है।
लाल कृष्ण आडवाणी का राजनीतिक सफर
लाल आडवाणी 1942 में स्वयंसेवक के रूप में RSS में शामिल हुए और भारतीय राजनीति में अहम योगदान दिया। आडवाणी 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद से पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा। बता दें कि लाल कृष्ण आडवाणी की एक बेटी प्रतिभा आडवाणी और एक बेटा जयंत आडवाणी हैं। आडवाणी के बेटे और बेटी दोनों ही राजनीति से दूर हैं।