Lok Sabha polls 2024: ममता, नीतीश ने तो कर दिया खेल, इन बड़े राज्यों में INDIA का बुरा हाल

Lok Sabha polls 2024: INDIA के दो प्रमुख घटक दलों - ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड), ने खुले तौर से BJP विरोधी मोर्चे से खुद को दूर कर लिया है। इस मेगा विपक्षी मोर्चे को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है, लेकिन अब ये मुश्किलों में दिख रहा है

अपडेटेड Jan 30, 2024 पर 1:55 PM
Lok Sabha polls 2024: ममता, नीतीश ने तो कर दिया खेल, इन बड़े राज्यों में INDIA का बुरा हाल

Lok Sabha Elections 2024: जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख नीतीश कुमार (Nitish Kumar), जिन्हें कभी विपक्ष के INDIA गुट का आधार कहा जाता था, अब वह ही बीजेपी के नेतृ्त्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में फिर से शामिल हो गए हैं। नीतीश कुमार के इस कदम को INDIA गठबंधन से उनकी रवानगी के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार में महागठबंधन को छोड़ने के JDU चीफ के कदम का न केवल क्षेत्रीय असर पड़ेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी INDIA गुट के भविष्य पर असर दिखेगा।

INDIA के दो प्रमुख घटक दलों - ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड), ने खुले तौर से BJP विरोधी मोर्चे से खुद को दूर कर लिया है। इस मेगा विपक्षी मोर्चे को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है, लेकिन अब ये मुश्किलों में दिख रहा है।

आइए एक नजर डालते हैं INDIA गठबंधन की क्षेत्रीय स्थित और उसके साथियों पर:


पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल में आगे की बातचीत के लिए कोई जगह नहीं बची है। सीट-बंटवारे के फॉर्मूले पर असहमति का हवाला देते हुए, TMC सुप्रीमो ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि TMC पश्चिम बंगाल की सभी 42 संसदीय सीटों पर आम चुनाव लड़ेगी।

पंजाब

गठबंधन को लेकर राज्य के नेताओं के बीच प्यार-नफरत वाले बयानों और असहमति का लंबा दौर चला है। अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान के मुताबिक, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य में गठबंधन के लिए बातचीत की गुंजाइश खत्म कर दी है।

मान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP पंजाब में सभी 13 लोकसभा सीटें जीतेगी और उनकी पार्टी का राज्य में कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। पंजाब के मुख्यमंत्री की टिप्पणी तब आई है, जब दोनों दलों का राष्ट्रीय नेतृत्व 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बाकी राज्यों में सीट-बंटवारे की बातचीत में लगा हुआ है।

दिल्ली

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत अभी भी जारी है। हालांकि, दोनों पक्षों ने अंतिम समझौते के संदर्भ में कुछ भी महत्वपूर्ण खुलासा नहीं किया है।

कांग्रेस की बड़ी चुनौती

INDIA के प्रमुख दलों के बीच मतभेद कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। ये सभी नेता इस वक्त राहुल गांधी की यात्रा में व्यस्त हैं। पार्टियों ने इस स्थिति का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP और समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव को बड़ा अधिकार दिलाने के लिए किया है।

कई क्षेत्रीय दलों ने कांग्रेस पर क्षेत्रीय घटकों के साथ अच्छे से बातचीत नहीं करने का आरोप लगाया है।

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इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इंडिया ब्लॉक के भीतर चल रही दरार के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी को गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा करने और बातचीत करने में जो उत्साह दिखाने की जरूरत थी, वो दिखाई नहीं दे रहा है।

समाजवादी नेता ने कहा, "कांग्रेस को आगे आना चाहिए था। कांग्रेस को INDIA गठबंधन पर चर्चा करने और उससे जुड़ने में, जो उत्साह दिखाने की जरूरत थी, वो गायब था।"

हरियाणा

रविवार को, दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा राज्य "एक बड़े बदलाव की मांग कर रहा है", क्योंकि पार्टी ने 90 सीटों पर अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AAP, INDIA ब्लॉक के तहत ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

उत्तर प्रदेश

जुलाई 2023 में बनने के बाद से INDIA ब्लॉक के केवल दो दलों के बीच ही सीट बंटवारे को लेकर सफलता मिली है। समाजवादी पार्टी (SP) और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने आगामी संसदीय चुनावों के लिए अपने गठबंधन पर मुहर लगा दी है। दोनों पार्टियां अपनी-अपनी सीटों की संख्या पर सहमत हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने अभी नहीं बताया कि वे कौनसी सीट होंगी।

तमिलनाडु

खबरों के मुताबिक, कांग्रेस और DMK के बीच पहले दौर की बातचीत संतोषजनक रही। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के नेता केएस अलागिरी ने उन रिपोर्टों का भी खंडन किया कि DMK ने उन सीटों की लिस्ट दी है, जिन पर वे राज्य में चुनाव लड़ना चाहते हैं।

तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटें हैं और इनमें से DMK के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन ने 53 प्रतिशत से ज्यादा वोटों के साथ 38 सीटें हासिल की थीं, जबकि 2019 के लोकसभा चुनावों में एक सीट AIDMK के पास गई थी।

DMK ने जिन 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से 20 पर जीत हासिल की थी, कांग्रेस को 9 में से 8 सीटें मिली थीं और बाकी सीटें दूसरे गठबंधन सहयोगियों ने जीती थीं।

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