Modi Govt 8 years: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की अप्रूवल रेटिंग कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से वर्तमान में अपने शिखर पर पहुंच गई है। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें और बेरोजगारी अभी भी चिंता का विषय है। एक सर्वे में यह खुलासा हुआ है।
बता दें कि केंद्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरे हो गए हैं। बीजेपी साल 2014 के मुकाबले 2019 में और बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटी। इस ऐतिहासिक जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शुरू की गईं कई कल्याणकारी योजनाओं ने अहम भूमिका निभाईं।
LocalCircles की तरफ से कराए गए सर्वे में 64,000 लोगों में से 67 फीसदी के अनुसार, मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी। सर्वे में शामिल लोगों ने दूसरे कार्यकाल को पहले के मुकाबले बेहतर बताया है।
मोदी सरकार की लोकप्रियता में भारी वृद्धि
2020 में जब कोरोना महामारी की शुरूआत हुई थी तो मोदी सरकार की लोकप्रियता 51 फीसदी थी। वहीं, दूसरी लहर के बाद अप्रूवल रेटिंग बढ़कर 62 फीसदी हो गई है। यह आंकड़े काफी हैरान करने वाले हैं, क्योंकि दूसरी लहर के दौरान भारी संख्या में कोविड-19 संक्रमणों की मौत हुई थी।
लोगों ने कहा कि सरकार कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर को संभालने के लिए बेहतर तरीके से तैयार है। लोगों ने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद सरकार ने अर्थव्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। हालांकि, सर्वे में शामिल लोगों ने बेरोजगारी पर चिंता जताई है। 47 फीसदी लोगों ने कहा कि भारत इस मुद्दे को हल करने में सक्षम नहीं है।
हालांकि, 37 फीसदी अप्रूवल के साथ सरकार के बेरोजगारी से निपटने में लोगों के विश्वास में भी वृद्धि हुई है। यह 2021 में 27% और 2020 में 29% थी। सर्वेक्षण में शामिल 73% भारतीयों ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का जिक्र किया है।
- 73% ने कहा कि वे भारत में अपने और अपने परिवारों के भविष्य को लेकर आशावादी हैं।
- 44 फीसदी का मानना है कि मोदी सरकार ने एयर क्वालिटी में सुधार और प्रदूषण को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए।
- सर्वेक्षण में शामिल 60% लोगों ने कहा कि सरकार सांप्रदायिक सद्भाव में सुधार करने में प्रभावी रही है, जबकि 33% इससे असहमत थे।
- 50% से अधिक लोगों ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान हो गया है।