बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जब नीतीश कुमार विधानसभा में NDA सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों के बारे में बोलने के लिए उठे तो तेजस्वी ने उनके भाषण को बीच में ही रोक दिया। मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, "बिहार में पहले क्या था? मैंने ही आपके (तेजस्वी यादव) पिता को वो बनाया जो वह बने। यहां तक कि आपकी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उनका समर्थन किया।"
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच नीतीश कुमार ने कहा, "आपको कुछ नहीं पता। जब लालू यादव बिहार में अति पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग को अलग करने का विरोध कर रहे थे। मैंने कहा था कि यह गलत है और मैंने उस समय उनका विरोध किया था।"
इससे पहले विधानसभा में तेजस्वी यादव ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली बिहार की पिछली सरकार की तुलना की और अपने पूर्व सहयोगी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की।
यह टकराव राष्ट्रीय जनता दल के नेता की ओर से नीतीश कुमार सरकार के पेश किए गए बजट पर कटाक्ष करने के एक दिन बाद हुआ है।
उन्होंने बजट को "बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया" और "झूठ में डूबी स्याही" से तैयार किया गया बताते हुए कहा, "यह अजीब है कि राजस्व सृजन न होने के बावजूद बजट का आकार बढ़ता जा रहा है। 3.71 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा बेहद बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ऐसा लगता है कि बजट के कागजात झूठ में डूबी स्याही से लिखे गए हैं। वे इसे 5 लाख करोड़ रुपये बना सकते थे।"