Opposition Meeting in Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में सोमवार (17 जुलाई) से शुरू हो रहे विपक्षी दलों के दो दिवसीय सम्मेलन में 23 राजनीतिक दल शामिल होंने वाले हैं। सभी विपक्षी दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को संयुक्त चुनौती देने का प्रयास करेंगे। सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु बैठक में 26 विपक्षी दलों के शीर्ष नेता 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए अपनी रणनीति तैयार करेंगे। कांग्रेस की मेजबानी में यह बैठक हो रही है।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि कुछ नेता आज (17 जुलाई को) नहीं आ रहे हैं। वह कल (18 जुलाई को) आएंगे। यह बैठक कल सुबह होने वाली है। 11 बजे बैठक शुरु होगी और शाम 4 बजे सभी पार्टियों के नेता देश को संबोधित करेंगे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने बताया कि NCP प्रमुख शरद पवार जी विपक्षी बैठक में कल शामिल होंगे, क्योंकि आज महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है इसलिए आज वो अपने विधायकों के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस की पूर्व प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी बेंगलुरु में दो दिवसीय संयुक्त विपक्ष की बैठक में शामिल होंगे।
कांग्रेस ने किया AAP का समर्थन
बैठक की पूर्व संध्या पर कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह संसद में दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश का विरोध करेगी। आम आदमी पार्टी ने शर्त रखी थी कि कांग्रेस द्वारा संसद में अध्यादेश का विरोध करने की सूरत में ही वह विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेगी। बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को हुई विपक्षी दलों की पहली बैठक में 15 दलों ने भाग लिया था। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "इस बार हम 26 दलों के नेताओं के बैठक में शामिल होने की उम्मीद कर रहे हैं।"
विपक्ष की यह बैठक शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में विभाजन और पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में व्यापक पैमाने पर हुई हिंसा के बीच हो रही है, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। बंगाल में हुई चुनावी हिंसा को लेकर कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई और वाम दलों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है।
सूत्रों ने कहा कि विपक्षी दल बीजेपी की नीतियों के खिलाफ देश भर में एक संयुक्त आंदोलन की योजना बनाएंगे। उन्होंने कहा कि खासकर महाराष्ट्र में NCP के विभाजन के बाद रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि विपक्षी नेता बीजेपी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता को मजबूत करने के कदमों की घोषणा करेंगे।
ये नेता बैठक में होंगे शामिल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, NCP सुप्रीमो शरद पवार, TMC प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री एवं जद(यू) नेता नीतीश कुमार, DMK नेता एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता एवं झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बैठक में शामिल हो सकते हैं। दो दिवसीय सत्र की शुरुआत कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगी और मंगलवार को एक और औपचारिक बैठक होगी।